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सर्जिकल स्ट्राइक पर फिर से दिग्विजय सिंह ने मोदी से मांगा सबूत

  • पूरा धन चंद लोगों के पास जा रहाः राहुल

  • सीआरपीएफ की बातों को क्यों नहीं माना गया

  • आतंकवाद को दूसरे इलाकों तक और फैल गया

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः कांग्रेस नेता और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने फिर से सर्जिकल स्ट्राइक के जिन्न को बोतल से बाहर निकाल दिया। उन्होंने 2016 में हुए सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया। उन्होंने जम्मू में कहा कि सरकार ने अब तक सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत नहीं दिया है।

केंद्र सरकार सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में बात करती है कि हमने इतने लोग मार गिराए हैं, लेकिन सबूत कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि हुकूमत यहां की समस्या का निदान नहीं करना चाहती है। हुकूमत यहां का फैसला नहीं करवाना चाहती।

ये समस्या कायम रखना चाहती है, ताकि कश्मीर फाइल्स जैसी फिल्में बनती रहें और हिंदू- मुसलमानों में नफरत फैलती रहे। कभी आपने देखा कोई प्रधानमंत्री किसी फिल्म का प्रचार करने गया हो।

इसके बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई यह है कि देश को रोजगार सिर्फ छोटे व्यापारी और लघु और मध्यम व्यवसाय ही दे सकते हैं, देश के 2-3 बड़े उद्योगपति नहीं। इसलिए भारत में बेरोजगारी फैल रही है। हिंदुस्तान का पूरा का पूरा धन 2-3 उद्योगपतियों की जेब में जा रहा है।

दिग्विजय ने सर्जिकल स्ट्राइक के अलावा 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि पुलवामा हमले के वक्त सीआरपीएफ अफसरों ने कहा था कि जवानों को एयरक्राफ्ट से मूवमेंट कराया जाए, पर प्रधानमंत्री नहीं माने।

बता दें कि 2019 में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। जम्मू-कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिग्विजिय सिंह बोले- केंद्र ने संसद में अब तक पुलवामा हमले और सर्जिकल स्ट्राइक की रिपोर्ट नहीं दी है।

भाजपा की सरकार केवल झूठ फैला रही है। हमारे 40 जवान पुलवामा में शहीद हो गए। सीआरपीएफ के शीर्ष अधिकारी ने मांग की थी कि यह संवेदनशील जोन है। जवानों को हवाई जहाज से श्रीनगर भेजा जाए, लेकिन मोदी जी ने मना कर दिया। सरकार ने जानकर ऐसा किया। वहां हर गाड़ी की चेकिंग होती है तो फिर स्कॉर्पियो गाड़ी की जांच क्यों नहीं हुई, जिसके टकराने से ब्लास्ट हुआ।

कांग्रेस नेता ने कहा कि 370 हटने से फायदा किसका हुआ? कहते थे आतंकवाद खत्म हो जाएगा, हिंदुओं का बोलबाला हो जाएगा, लेकिन जब से धारा 370 हटी है, आतंकवाद बढ़ा है। रोज कुछ ना कुछ हो रहा है। पहले ये आतंकवाद घाटी तक सीमित था, लेकिन अब राजौरी, डोडा तक पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि जब कश्मीरी पंडितों का एक डेलिगेशन लेफ्टिनेंट गवर्नर से मिलने गया तो उप राज्यपाल ने उनसे कहा कि तुम्हें भीख नहीं मांगनी चाहिए। मैं लेफ्टिनेंट गवर्नर जी से कहना चाहता हूं कि ये भीख नहीं, अपना हक मांग रहे हैं। आपको कश्मीरी पंडितों से माफी मांगनी चाहिए।

इस बयान के बाद भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इस पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा गैरजिम्मेदाराना बयान देना कांग्रेस पार्टी का चरित्र है। हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ बोलने वाले किसी को भी देश बर्दाश्त नहीं करेगा। पीएम मोदी से नफरत के कारण राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह में अब देशभक्ति नहीं बची है।

जब भी हमारी वीर सेना अपना पराक्रम दिखाती है तो सबसे अधिक दर्द उस देश को होता है जिसको सबक सिखाया जाता है, जो विश्व में अपनी आतंकी गतिविधियों को लेकर जाना जाता है। लेकिन यह दुखद है कि दर्द भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को होता है।