Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
छत्तीसगढ़ में जापानी निवेश की तैयारी: सीएम विष्णु देव साय से मिला जापान का प्रतिनिधिमंडल, इन सेक्टरो... Dhamtari Yuva Fest 2026: धमतरी युवा फेस्ट का भव्य समापन, 8000 से अधिक युवाओं की रही मौजूदगी Ambikapur News: पटाखा गोदाम में आग मामले में बड़ी कार्रवाई, मुकेश और प्रवीण अग्रवाल के खिलाफ मामला द... नारायणपुर: खराब सड़क के खिलाफ सड़क पर उतरे ग्रामीण, चक्काजाम से आवाजाही ठप PM Modi Mann Ki Baat: छत्तीसगढ़ के काले हिरण और बांस के मुरीद हुए पीएम मोदी, सीएम विष्णुदेव साय ने ज... कवर्धा में 'बायसन' के अस्तित्व पर खतरा! 6 महीने में पांचवें बायसन की मौत, वन विभाग की मुस्तैदी पर उठ... अबूझमाड़ में 'आजादी' की पहली रोशनी! दशकों के अंधेरे के बाद ईरपानार गाँव में पहुँची बिजली; खुशी से झू... 40 डिग्री पारा और 4 दिन से सूखा हलक! बूंद-बूंद पानी को मोहताज हुए लोग; सिस्टम की लापरवाही पर भड़का ज... शिवपुरी बनेगा एमपी का नया 'डिफेंस हब'! 2500 करोड़ का निवेश और हजारों को नौकरी; जानें कब शुरू होगा प्... Crime News: दिव्यांग की मदद के नाम पर घर में घुसा आरोपी, भरोसे का कत्ल कर दिया वारदात को अंजाम; जांच...

रूसी सैन्य ठिकाने पर यूक्रेन की सेना का जोरदार जबावी हमला

कियेबः रूसी मिसाइलों की बारिश के बीच ही यूक्रेन की सेना ने जवाबी हमला किया है। नये साल के जश्न के बीच ही यूक्रेन की सेना ने रूस के कब्जे वाले पूर्वी यूक्रेन में यह हमला किया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक इस क्रम में चार रॉकेट दागे गये थे। इससे 63 सैनिकों की मौत हुई है।

दूसरी तरफ यूक्रेन ने दावा किया है कि उसने चार सौ रूसी सैनिकों को मार डाला है। इस हमले में काफी संख्या मे सैनिक घायल भी हुए हैं। दूसरी तरफ रूसी मिसाइलों के हमले से तबाह होते यूक्रेन के लिए सबसे बड़ी परेशानी बिजली संकट है। इसी वजह से अब सरकारी स्तर पर इस बात का एलान किया गया है कि लोग जहां तक हो सके अपने अपने घरों में बिजली की बचत करें। हर बार रूसी मिसाइलों के हमले से यूक्रेन की बिजली व्यवस्था बाधित हो रही है। दूसरी तरफ अत्यधिक ठंड के मौसम में बिजली नहीं होने के आम जनता को भारी कष्ट उठाना पड़ रहा है।

यूक्रेन के इस हमले के बारे मे पता चला है कि रूसी कब्जे वाले डोनेस्क इलाके में लगातार पच्चीस रॉकेट दागे गये थे। वहां पर एक स्कूल में रूसी सेना ने अपना अस्थायी शिविर बना रहा था। हमले में इसी शिविर में मौजूद रूसी सैनिक हताहत हुए हैं। वैसे इस बात की भी चर्चा है कि दरअसल यह हमला  माकिवका के एक कोल माइनिंग सेंटर पर हुआ है।

हमले में भवन का बहुत बड़ा हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो गया है, ऐसा बताया गया है। चर्चा इस बात की भी हो रही है कि रॉकेट गिरने की वजह से वहां के बारूद भंडार में भी विस्फोट हो गया। इस भंडार में विस्फोट की वजह से ही रूसी सेना को अधिक नुकसान पहुंचा है। रूसी रक्षा मंत्रालय का कहना है कि यूक्रेन ने अमेरिका से मिले हिमार्स मिसाइल की मदद से यह हमला किया है।

यूक्रेन ने इस भवन में बहुत अधिक संख्या में मोबाइल फोन का इस्तेमाल होने की वजह से इस स्थान पर अधिकाधिक रूसी सेना के होने का अनुमान लगाया था। उसके बाद यह हमला किया गया। यूक्रेन की सेना की तरफ से यह दावा किया गया है कि इस एक हमले में वहां पर चार सौ से अधिक रूसी सैनिक मारे गये हैं।