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जनवरी के चौथे सप्ताह से शुरू होगा नैजल वैक्सिन का प्रयोग

  • बिना सूई के वैक्सिन का प्रयोग बुस्टर डोज

  • सूई लेने से कतराने वालों को सुविधा होगी

  • नाक से सिर्फ दो बूंद दवा स्प्रे किया जाता है

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्ली: देश में पहली बार अब नैजल वैक्सिन यानी नाक से दी जाने वाली कोरोना वैक्सिन का प्रयोग प्रारंभ हो जाएगा। केंद्र सरकार ने भारत बायोटेक द्वारा निर्मित नेजल वैक्सीन इनकोवैक को देश में बूस्टर डोज के लिए मंजूरी दे दी है। बूस्टर डोज के लिए इसकी दो बूंद नाक में डाली जाएगी।

आईएमए के सेक्रेटरी अनिल गोयल की ओर से वैक्सीन को लेकर दी गयी जानकारी के मुताबिक नेजल वैक्सीन भी दूसरी वैक्सीन की तरह ही असरदार है। इसका फायदा यह है कि इससे लोग घबराएंगे नहीं। और इसे बिना किसी तकलीफ के मरीज को दिया जा सकेगा। बताया गया है कि यह वैक्सीन नाक के जरिए स्प्रै करके दी जाती है, मतलब वैक्सीन लेने वाले की बांह पर टीका नहीं लगाया जाता। इसकी दो खुराक दी जाती हैं। अनुमान है कि लोगों को यह तरीका ज्यादा पसंद आयेगा क्योंकि अनेक लोग सूई लेने से घबड़ाते भी हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा कि राज्य या केंद्र सरकारों ने खरीद के लिए कोई अपील नहीं की है।

दूसरे देशों से मंजूरी मिलने के बाद इन इनकोवैक को अन्य देशों में वैक्सीन को निर्यात करने की योजना बना रहा है। इस इंट्रानेजल को भारत में 18 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए बूस्टर डोज के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए सीडीएससीओ से भी मंजूरी मिल गई है। वैक्सीन को वाशिंगटन विश्वविद्यालय, सेंट लुइस के साथ साझेदारी में विकसित किया गया था।

इस नये वैक्सिन के लिए लोगों को अब कोविन पोर्टल से मदद मिलेगी। इसकी कीमत निजी अस्पतालों के लिए 800 रुपए तय की गई है। वहीं सरकारी अस्पतालों में यह 325 रुपए में उपलब्ध होगी। जानकारी के मुताबिक नेजल वैक्सीनेशन जनवरी के चौथे सप्ताह में शुरू किया जाएगा।

बताया जा रहा है कि राज्य सरकारों और भारत सरकार द्वारा बड़ी मात्रा में खरीद के लिए इनकोवैक की कीमत 325 रुपये प्रति खुराक होगी।  ये वैक्सीन 18 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को लगाई जाएगी। नाक से दी जाने वाली इस वैक्सीन को बूस्टर डोज पर लगाया जाएगा।

वर्तमान में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन, सीरम इंस्टीट्यूट के कोविशील्ड और कोवोवैक्स, रूसी स्पुतिनिक वी और बायोलॉजिकल ई लिमिटेड की कॉबेर्वैक्स वैक्सीन कोविन पोर्टल पर लिस्टेड हैं। भारत बायोटेक ने बीते 6 सितंबर को घोषणा की थी कि उसकी दुनिया की पहले इंट्रानेजल कोविड 19 की नैजल वैक्सिन है, जिसे डीजीसीआई की ओर 18 वर्ष से ऊपर लोगों के इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दी गयी है।

भारतीय कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि इसे कोवैक्सिन और कोविशील्ड कोविड टीका लेने वाले सभी वयस्क व्यक्ति तीसरी या बूस्टर डोज के तौर पर ले सकेंगे। इसके लिए देश के 14 स्थलों पर 3100 लोगों पर प्रयोग किया था। इसके अलावा बूस्टर डोज के लिए नौ स्थानों पर 875 लोगों पर प्रयोग किया गया।

इन सभी लोगों ने कोविड के टीके के तौर पर पहली दो खुराक के रुप में  कोवैक्सिन या कोविशील्ड का टीका लिया था। इस दवा को विशेष तौर पर निम्न और मध्यम आय वर्ग वाले देशों के नागरिकों के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार यह दवा 2 डिग्री सेल्सियस से लेकर 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रखी जा सकती है।