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अपनी जरूरतों के लिए अब क्रिप्टो चुरा रहा उत्तर कोरिया

सिओलः दुनिया भर के आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहे उत्तर कोरिया को अब अपने हैकरों के आसरे चोरी करना पड़ रहा है। उत्तर कोरिया की सरकार द्वारा समर्थित यह हैकर अब दुनिया भर से क्रिप्टोकरेंसी की चोरी कर रहे हैं। कई बड़ी ऐसी घटनाओँ में उत्तर कोरिया के हैकरों का हाथ होने की पुष्टि भी हो चुकी है।

दक्षिण कोरिया की गुप्तचर एजेंसी ने आज इसका खुलासा किया। साथ ही यह कहा गया है कि हर तरफ से प्रतिबंधित होन के बाद भी अपने परमाणु मिसाइल कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने के लिए भी उत्तर कोरिया को धन की सख्त आवश्यकता है। वर्तमान में उत्तर कोरिया की अपनी आर्थिक हालात बहुत ही खराब है। इस वजह से दुनिया भर की क्रिप्टो की चोरी से वह अपनी आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रहा है।

इस क्रम में यह दावा किया गया है कि पिछले पांच वर्षों  में उत्तर कोरिया के हैकरों ने करीब डेढ़ ट्रिलियन अमेरिकी डॉलरों के मूल्य के बराबर की क्रिप्टोकरंसी की चोरी की है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उन्हें बेचकर उत्तर कोरिया ने अपने लिए यह धन जुटाया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस चोरी में से आधार हिस्सा तो इसी साल का है और यह धन क्रिप्टो के जरिए ही उत्तर कोरिया के काम में लगाया गया है।

दक्षिण कोरिया की गुप्तचर एजेंसी ने गुरुवार को यह रिपोर्ट सार्वजनिक की है। जिसमें  बताया गया है कि आंतरिक तौर पर उत्तर कोरिय की वित्तीय हालत बहुत ही खराब है। वहां के लोग भी दयनीय हालत में जीने पर मजबूर है क्योंकि परमाणु कार्यक्रमों को जारी रखने की वजह से संयुक्त राष्ट्र ने उत्तर कोरिया पर वर्ष 2017 से ही प्रतिबंध लगा रखा है। प्रतिबंध लगने के पहले उत्तर कोरिया कोयला, टेक्सटाइल और समुद्री खाद्य पदार्थों के कारोबार से विदेशी मुद्रा कमाता था।

अब यह रास्ता पूरी तरह बंद है। उत्तर कोरिया की गैरकानूनी साइबर गतिविधियों की पुष्टि जापान ने भी की है। इसके अलावा आरोप यह भी है कि उत्तर कोरिया का तानाशाह हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के लिए भी अपने लिए धन एकत्रित करता है। हाल के दिनों में उस पर गुप्त तरीके से रूस को भी हथियार देने का आरोप लगाया है। दूसरी तरफ रूस ने उत्तर कोरिया के साथ अपना रेल परिवहन सेवा फिर से बहाल कर लिया है, जिसे पहले कोरोना की वजह से रोक दिया गया था।