Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेलीफिश बुढ़ापे के बाद बच्चा कैसे बन जाती है मेघालय में खूनी संघर्ष! GHADC चुनाव के दौरान भारी हिंसा, पुलिस फायरिंग में 2 की मौत; सेना ने संभाला ... CBI का अपने ही 'घर' में छापा! घूस लेते रंगे हाथों पकड़ा गया अपना ही बड़ा अफसर; 'जीरो टॉलरेंस' नीति के ... Aditya Thackeray on Middle East Crisis: आदित्य ठाकरे ने प्रधानमंत्री मोदी से मांगा स्पष्टीकरण, बोले—... Bengal LPG Crisis: सीएम ममता बनर्जी का बड़ा फैसला, घरेलू गैस की सप्लाई के लिए SOP बनाने का निर्देश; ... नोएडा के उद्योगों पर 'गैस संकट' की मार! फैक्ट्रियों में लगने लगे ताले, संचालकों ने खड़े किए हाथ; बोल... Just Married! कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने रचाई शादी; बिना किसी शोर-शराबे के लिए सात फेरे, देखें कपल... Lok Sabha News: लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव खारिज, सदन में ध्वनिमत से... होमुर्ज की टेंशन खत्म! भारत ने खोजा तेल आपूर्ति का नया 'सीक्रेट' रास्ता; अब खाड़ी देशों के बजाय यहाँ... Temple LPG Crisis: देश के बड़े मंदिरों में भोग-प्रसाद पर संकट, एलपीजी की किल्लत से थमी भंडारों की रफ...

माउना लोवा ज्वालामुखी के अब फटने का खतरा और बढ़ा

होनोलुलूः हवाई द्वीप का जीवंत ज्वालामुखी माउना लोवा अब किसी भी समय विस्फोट कर सकता है। काफी समय से उससे इस बात के संकेत मिल रहे थे। अब ज्वालामुखी से राख और धुआं का निकलना तेज हो गया है। पिछले चार दशक के अंतराल के बाद यह दोबारा इस स्तर पर जीवित हो रहा है।

वरना यह समय समय पर राख और धुआं छोड़ता ही रहा है। रविवार की रात को अचानक से वहां की गतिविधियां तेज हो गयी। काफी दूर तक यह राख लोगों के घरों के ऊपर फैसला चला गया। यूएस जिओलॉजिक्ल सर्वे ने इस द्वीप पर लावा प्रवाह के बारे में भी नागरिकों को सतर्क कर दिया है। वैसे जो लावा वहां से धीरे धीरे निकल रहा है, उसकी भी निगरानी हो रही है। यह लावा प्रवाह काफी दूर से देखा जा रहा है।

लेकिन अभी लोगों को हटाने के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी गयी है। कोना के इलाके से भी इस लावा को बहते हुए खुली आंखों देखा जा रहा है। वैज्ञानिक इस बात को लेकर चिंतित है कि वह पहाड़ ही दरक रहा है और किसी अप्रत्याशित इलाके में होने वाली टूट के बाद लावा का प्रवाह किसी दूसरी दिशा में भी हो सकता है। इसलिए उसकी निरंतर निगरानी की जा रही है।

वैज्ञानिकों ने पाया है कि कई स्थानों पर पहाड़ के चट्टान टूट गये हैं और कमजोर चट्टानों को तोड़कर मैग्मा बाहर निकल सकता है। यूएसजीएस के वैज्ञानिक मियेल कोरबेट ने कहा कि इस बारे में कोई पूर्वानुमान लगा पाना संभव नहीं है क्योंकि पहाड़ के अंदर से खोखली संरचना के अंदर क्या कुछ हो रहा है, वह नहीं समझा जा सकता है। इसके बाद भी वहां आपादा राहत दल को तैयार कर लिया गया है।

इसके बाद भी दक्षिण कोना के समुद्री तटों के आस पास रहने वाले लोग खुद ही एहतियात के तौर पर घर छोड़कर चले गये हैं। वैसे इस बीच द्वीप के अनेक इलाकों में आसमान से गिरते गर्म राख ने अलग परेशानी खड़ी कर दी है। रात भर में वहां करीब चौथाई ईंच राख की पर्त जम गयी है। समुद्री सतह से 13679 फीट की ऊंचाई के इस पर्वत को सबसे ऊंचा जीवंत ज्वालामुखी पहले से ही माना जाता है। वैसे इस द्वीप पर इसी तरीके के चार और जीवंत ज्वालामुखी मौजूद हैं।