Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
8th Pay Commission Fraud: सरकारी कर्मचारी सावधान! एक क्लिक और खाली हो जाएगा बैंक खाता, जानें नया स्क... स्वतंत्रता संग्राम के पूर्व सैनिकों ने अदालत में चुनौती दी What is Data Center: क्या है डाटा सेंटर? जिस पर अडानी-अंबानी लगा रहे अरबों, जानें कमाई का पूरा गणित शक्तिशाली तूफानों के साथ भारी बर्फबारी निगम चुनाव में सहयोगी एक दूसरे के खिलाफ हिमंता की हिम्मत या अंदर का भय Ramadan 2026 Moon Sighting: सऊदी अरब में दिखा चांद, जानिए भारत में कब रखा जाएगा पहला रोजा? Gut Health: आंतों की सफाई के लिए सुबह उठते ही करें ये 1 काम, पेट की सारी गंदगी हो जाएगी बाहर Shivpal Yadav on Brajesh Pathak: 'चोटी विवाद' पर डिप्टी सीएम को घेरा, बोले- पाप के भागी आप भी होंगे Basti Water Tank Scam: करोड़ों खर्च फिर भी टंकी 'मिस्टर इंडिया'? बस्ती में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल

माउना लोवा ज्वालामुखी के अब फटने का खतरा और बढ़ा

होनोलुलूः हवाई द्वीप का जीवंत ज्वालामुखी माउना लोवा अब किसी भी समय विस्फोट कर सकता है। काफी समय से उससे इस बात के संकेत मिल रहे थे। अब ज्वालामुखी से राख और धुआं का निकलना तेज हो गया है। पिछले चार दशक के अंतराल के बाद यह दोबारा इस स्तर पर जीवित हो रहा है।

वरना यह समय समय पर राख और धुआं छोड़ता ही रहा है। रविवार की रात को अचानक से वहां की गतिविधियां तेज हो गयी। काफी दूर तक यह राख लोगों के घरों के ऊपर फैसला चला गया। यूएस जिओलॉजिक्ल सर्वे ने इस द्वीप पर लावा प्रवाह के बारे में भी नागरिकों को सतर्क कर दिया है। वैसे जो लावा वहां से धीरे धीरे निकल रहा है, उसकी भी निगरानी हो रही है। यह लावा प्रवाह काफी दूर से देखा जा रहा है।

लेकिन अभी लोगों को हटाने के बारे में कोई चेतावनी नहीं दी गयी है। कोना के इलाके से भी इस लावा को बहते हुए खुली आंखों देखा जा रहा है। वैज्ञानिक इस बात को लेकर चिंतित है कि वह पहाड़ ही दरक रहा है और किसी अप्रत्याशित इलाके में होने वाली टूट के बाद लावा का प्रवाह किसी दूसरी दिशा में भी हो सकता है। इसलिए उसकी निरंतर निगरानी की जा रही है।

वैज्ञानिकों ने पाया है कि कई स्थानों पर पहाड़ के चट्टान टूट गये हैं और कमजोर चट्टानों को तोड़कर मैग्मा बाहर निकल सकता है। यूएसजीएस के वैज्ञानिक मियेल कोरबेट ने कहा कि इस बारे में कोई पूर्वानुमान लगा पाना संभव नहीं है क्योंकि पहाड़ के अंदर से खोखली संरचना के अंदर क्या कुछ हो रहा है, वह नहीं समझा जा सकता है। इसके बाद भी वहां आपादा राहत दल को तैयार कर लिया गया है।

इसके बाद भी दक्षिण कोना के समुद्री तटों के आस पास रहने वाले लोग खुद ही एहतियात के तौर पर घर छोड़कर चले गये हैं। वैसे इस बीच द्वीप के अनेक इलाकों में आसमान से गिरते गर्म राख ने अलग परेशानी खड़ी कर दी है। रात भर में वहां करीब चौथाई ईंच राख की पर्त जम गयी है। समुद्री सतह से 13679 फीट की ऊंचाई के इस पर्वत को सबसे ऊंचा जीवंत ज्वालामुखी पहले से ही माना जाता है। वैसे इस द्वीप पर इसी तरीके के चार और जीवंत ज्वालामुखी मौजूद हैं।