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यूक्रेन की तरफ से बदले की कार्रवाई की औपचारिक पुष्टि हुई

बेलगोरोद इलाके में ड्रोन हमले में तीन लोग मारे गये

मास्कोः रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष में एक बार फिर ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर व्यापक तबाही मचाने का दौर शुरू हो गया है। सीमावर्ती रूसी क्षेत्र बेलगोरोद में यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण कम से कम तीन नागरिकों की मौत हो गई, वहीं दोनों ओर से हुए एक-दूसरे के पावर ग्रिड पर भीषण हमलों के चलते यूक्रेन के दर्जनों प्रमुख शहरों और रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है।

यूक्रेन की सीमा से सटे रूस के बेलगोरोद प्रांत के स्थानीय अधिकारियों ने पुष्टि की कि बुधवार को हुए यूक्रेनी ड्रोन हमलों ने आवासीय और प्रशासनिक इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें तीन लोगों की मौके पर ही जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए। दूसरी ओर, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने एक आपातकालीन बयान जारी कर बताया कि रूस ने रात भर में यूक्रेन के कम से कम नौ अलग-अलग प्रांतों में स्थित पावर जनरेशन प्लांट्स, प्रमुख बिजली संयंत्रों और सबस्टेशनों को मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया है।

इन रणनीतिक हमलों के कारण देश के बड़े हिस्से में बिजली का बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया है और अधिकारियों को देश भर के प्रमुख शहरों में अनिश्चितकालीन आपातकालीन बिजली कटौती लागू करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

रूस के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उसकी वायुसेना और मिसाइल इकाइयों ने यूक्रेन के कीव और ज़ाइटॉमीर क्षेत्रों में स्थित दो बड़े मुख्य पावर स्टेशनों पर सटीक हमले किए हैं।

यूक्रेन का आरोप है कि कड़ाके की ठंड और शीतकाल की दस्तक से ठीक पहले मास्को जानबूझकर उनके ऊर्जा नेटवर्क को नष्ट कर आम नागरिकों को मानवीय संकट में धकेलने की रणनीति अपना रहा है। राजधानी कीव और उसके आसपास के व्यापक उपनगरीय इलाकों में लगातार कई घंटों तक बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित रही।

इस संकट से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन ने सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर पीने के पानी की आपूर्ति के लिए टैंकर तैनात किए हैं। साथ ही, भीषण ठंड के बीच नागरिकों को राहत देने, गर्म चाय उपलब्ध कराने और मोबाइल व अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए विशेष आपातकालीन सहायता केंद्र स्थापित किए हैं।

इसके साथ ही, वर्ष 2014 में रूस द्वारा यूक्रेन से छीनकर अपने नियंत्रण में लिए गए क्रीमिया प्रायद्वीप पर भी संकट गहरा गया है। लगभग 25 लाख आबादी वाले इस प्रायद्वीप में यूक्रेनी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए रूसी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर रात भर ड्रोन हमले किए, जिससे क्रीमिया के मुख्य बिजली ढांचे को भारी क्षति पहुँची और वहाँ अस्थायी बिजली कटौती की समय सारिणी लागू करनी पड़ी।