धारा 370 की बहाली के बहाने राजनीति चालू
पार्टी में बगावत की स्थिति कायम है
कई पुराने मुद्दों का उल्लेख भी किया
ओम बिड़ला को भेजा है अपना इस्तीफा
राष्ट्रीय खबर
श्रीनगरः सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के श्रीनगर से सांसद आगा रुहुल्लाह मेहदी ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने यह कदम जम्मू-कश्मीर में धारा 370 की बहाली के मुद्दे पर पार्टी के आक्रामक रुख न अपनाने और ढुलमुल रवैये से नाराज होकर उठाया है।
बडगाम में अपने पिता आगा सैयद मेहदी की पुण्यतिथि पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए रुहुल्लाह ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप लगाया कि पार्टी ने 2024 के विधानसभा चुनावों में जनता द्वारा दिए गए भारी जनादेश, उनकी भावनाओं और गुस्से के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने अपने इस्तीफे को ईश्वर की ओर से मिली स्वतंत्रता की घोषणा करार देते हुए कहा कि वह अब पार्टी के इस झूठ का हिस्सा नहीं बने रह सकते।
अपने इस फैसले के दौरान रुहुल्लाह ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को 2010 के घाटी उपद्रव की दर्दनाक याद दिलाते हुए एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला। उन्होंने 2010 में कथित पुलिस फायरिंग में मारे गए किशोर तुफैल मट्टू के पिता मोहम्मद अशरफ मट्टू को मंच पर बुलाकर अपना इस्तीफा सौंपा और उनसे इसे एनसी नेतृत्व तक पहुंचाने का अनुरोध किया। गौरतलब है कि 2010 के उस जन-आंदोलन में 100 से अधिक नागरिकों की जान गई थी, जिसने 2014 के चुनावों में एनसी की हार में बड़ी भूमिका निभाई थी।
दूसरी ओर, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने आधिकारिक बयान जारी कर रुहुल्लाह के भाषण को उनकी मानसिक और नैतिक दिवालियापन तथा आत्म-मुग्धता का प्रतीक बताया। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने इस घटनाक्रम से पार्टी को अलग रखते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया। उन्होंने दावा किया कि रुहुल्लाह ने यह रैली हमारे लोगों के आशीर्वाद से आयोजित की थी।
नेशनल कॉन्फ्रेंस पहले से ही हालिया कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है, जहां पार्टी के लगभग 18 असंतुष्ट विधायक धारा 370 की बहाली के लिए संघर्ष तेज करने की मांग कर रहे हैं। 2024 के चुनावों में रुहुल्लाह के धारा 370 पर कड़े रुख ने एनसी को बड़ी जीत दिलाने में मदद की थी, लेकिन चुनाव के बाद पार्टी केंद्र सरकार के सामने इस मुद्दे पर ढीली पड़ गई और केवल केंद्र शासित प्रदेश से पूर्ण राज्य का दर्जा वापस पाने की मांग तक सीमित रह गई।