अग्निवीरों को दो साल और मिलेंगे
योजना की समीक्षा के बाद फैसला
पहले ही इसकी मांग की जा रही थी
सीडीएस के स्तर पर हुआ इसका एलान
राष्ट्रीय खबर
नई दिल्ली: अग्निपथ योजना को लेकर केंद्रीय कैबिनेट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला लिया है। इस फैसले के तहत, 4 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद बाहर होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अब 2 साल की अतिरिक्त सेवा (अतिरिक्त एंगेजमेंट पीरियड) का अवसर दिया जाएगा। इस 2 वर्ष की विस्तारित अवधि को पूरा करने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को सेना में नियमित रूप से शामिल होने का मौका भी मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि सशस्त्र बलों की औसत आयु घटाने और सेना को अधिक युवा और गतिशील बनाने के उद्देश्य से वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना की शुरुआत की गई थी। इसके तहत भर्ती होने वाले जवानों को अग्निवीर कहा जाता है। सरकार का यह बड़ा फैसला लगभग 18,000 अग्निवीरों के 4 साल का पहला कार्यकाल पूरा होने और सेवा से बाहर होने के ठीक कुछ हफ्ते पहले आया है।
मामले पर मुख्य रक्षा अध्यक्ष (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपनी सेवा जारी रखने का अवसर प्रदान किया जाएगा। हालांकि, उनका चयन उनके कार्य-प्रदर्शन और समीक्षा के आधार पर ही तय होगा।
जनरल सुब्रमणि ने बताया, शुरुआत से ही यह बिल्कुल स्पष्ट था कि इस योजना की समय-समय पर समीक्षा की जाएगी। हर साल अग्निवीरों के प्रदर्शन का आकलन किया जाता रहा है और समीक्षा के बाद ही 2 साल का सेवा विस्तार देने का फैसला लिया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह योजना शुरुआत से ही पत्थर की लकीर नहीं थी और इसमें बदलाव की गुंजाइश रखी गई थी।
उन्होंने कहा, यह समीक्षा रातों-रात नहीं हुई है, बल्कि पिछले तीन से चार महीनों से इस पर लगातार विचार-विमर्श चल रहा था। इसके बाद हमारी सिफारिशों को आज कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही, अग्निपथ योजना का मूल 4 साल का ढांचा भी जारी रहेगा, योजना को बंद नहीं किया गया है।
सीडीएस ने आगे कहा कि 2 साल की यह अतिरिक्त अवधि उन अग्निवीरों के लिए बेहतरीन मौका है जिन्हें पहले 4 साल में नियमित सेवा के लिए नहीं चुना गया था। इस विस्तारित समय में उन्हें न केवल सेना में अधिक समय तक काम करने का अनुभव मिलेगा, बल्कि इसके बाद उनके पास नियमित सैनिक के रूप में भर्ती होने का अवसर भी रहेगा। यह फैसला सेना और युवाओं दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। मूल योजना के मुताबिक अग्निवीरों की भर्ती 4 साल के लिए की जाती थी, जिसमें से केवल 25 प्रतिशत जवानों को ही स्थायी या नियमित सेवा में रिटेन करने का प्रावधान था।