बंगाल की खाड़ी में फिर निम्न दबाव का माहौल
दक्षिण अंडमान सागर पर नजर लगी है
अभी पूरी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पायी
माहौल बना तो कालीपूजा में बारिश
राष्ट्रीय खबर
कोलकाताः बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर कम दबाव का खतरा मंडराने लगा है। दक्षिण अंडमान सागर में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है, जो उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़कर भारतीय तट की ओर आ सकता है। शुरुआती मौसम संबंधी आकलन के अनुसार, यह बाद में और अधिक मजबूत होकर गहरे कम दबाव या चक्रवात में बदल सकता है, हालांकि अभी इस बारे में निश्चित रूप से कुछ नहीं कहा जा सकता। चक्रवात अर्णव का असर पूरी तरह खत्म होने के पहले ही मौसम विज्ञान विभाग ने इसके बारे में आगाह किया है।
मौसम वैज्ञानिकों के एक वर्ग का मानना है कि यदि अनुकूल परिस्थितियां मिलती हैं, तो इस कम दबाव के और अधिक शक्तिशाली होने की पूरी संभावना है। समुद्र की सतह का तापमान और हवा की स्थिति इसकी ताकत को बढ़ाने में मदद कर सकती है, हालांकि उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं और एक पश्चिमी विक्षोभ इसके रास्ते में बाधा बन सकते हैं। यह अभी स्पष्ट नहीं है कि यह सीधे तौर पर बंगाल के तटों से टकराएगा या नहीं, और इस पर अगले कुछ दिनों की रिपोर्ट के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।
दक्षिण अंडमान सागर में बने कम दबाव के क्षेत्र को देखते हुए पश्चिम बंगाल में मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि यह सिस्टम चक्रवात का रूप लेगा या नहीं, फिर भी मौसम विभाग लगातार इसकी गति और दिशा पर पैनी नजर रखे हुए है।
प्रशासनिक स्तर पर भी संभावित प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है और तटीय इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले 48 घंटों में इस कम दबाव के रुख से जुड़ी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी, जिसके बाद ही इसके प्रभाव का सटीक अनुमान लगाया जा सकेगा।