ग्रीनलैंड के एक शीर्ष अधिकारी ने तेल निकालने से इंकार किया
वाशिंगटनः ग्रीनलैंड के खनन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बड़े दावे को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके नए ग्रीनलैंड में जल्द ही बड़े पैमाने पर तेल और गैस का उत्खनन शुरू होने वाला है।
ग्रीनलैंड के उप खनन मंत्री जोर्गेन हैमकेन-होल्म ने मीडिया से बातचीत करते हुए यह स्पष्ट किया कि यद्यपि ग्रीनलैंड की भूमी पर अमेरिकी कंपनियों की कुछ शुरुआती गतिविधियां और प्रयास चल रहे हैं, लेकिन हम वास्तव में बड़े पैमाने पर खोज और वाणिज्यिक उत्खनन की शुरुआत से अभी भी बहुत दूर हैं। उन्होंने विस्तार से समझाया कि भले ही द्वीप पर कई छोटे स्तर के खोज कार्य और सर्वे जारी हैं, लेकिन उन्हें पूरी तरह से चालू होने और उत्पादन शुरू करने में अभी कई वर्षों का लंबा समय लग सकता है।
यह आधिकारिक प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर किए गए उस विवादास्पद पोस्ट के ठीक बाद सामने आई है, जिसमें उन्होंने उत्साहपूर्वक लिखा था कि उनके नए और खूबसूरत ग्रीनलैंड में बहुत जल्द बड़े पैमाने पर तेल, गैस और दुर्लभ खनिजों की खोज और उत्खनन शुरू होने जा रहा है। ट्रंप ने अपने दावे में यह भी कहा था कि ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार यहाँ आसानी से उपलब्ध होने वाला तेल का भंडार दुनिया में सबसे अधिक है और यह अमेरिका तथा पूरे यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान मुख्य रूप से घरेलू राजनीतिक मजबूरियों से जुड़ा है। अमेरिकी राष्ट्रपति आगामी मध्यवर्ती चुनावों (मिडटर्म) से ठीक पहले घरेलू ऊर्जा बाजार को स्थिर करने और पेट्रोल-डीजल तथा गैस की लगातार बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। वर्तमान स्थिति यह है कि अमेरिका का सामरिक पेट्रोलियम भंडार वर्ष 1982 के बाद से अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है।
हालांकि, भू-वैज्ञानिकों और ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रीनलैंड के अत्यधिक दुर्गम इलाकों से प्राकृतिक संसाधन निकालना तकनीकी रूप से बेहद कठिन और आर्थिक रूप से अत्यधिक खर्चीला काम है। इस विशाल द्वीप का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा पूरे साल मोटी बर्फ की चादर से ढका रहता है और यहाँ के अधिकतर खनिज भंडार आर्कटिक सर्कल के ऊपर बेहद दूरदराज इलाकों में स्थित हैं, जहाँ परिवहन और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं (बुनियादी ढांचे) का भारी अभाव है।\