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पाकिस्तान के अलावा चीन को भी चेतायाः जयशंकर

अमेरिका के न्यूयार्क में बैठकर साफ साफ चेतावनी

बिना नाम लिये आतंक का उल्लेख किया

पूर्वी सीमा के तनाव का भी जिक्र किया

अब भारत को अधिक अधिकार चाहिए

न्यूयार्कः संयुक्त राष्ट्र महासभा से इतर न्यूयॉर्क के मंच से भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने वैश्विक मंचों पर देश के रुख को पूरी बेबाकी और दृढ़ता के साथ रखा है। अपने कड़े और स्पष्ट बयानों के जरिए उन्होंने एक बार फिर आतंकवाद और विस्तारवादी नीतियों को लेकर पड़ोसी देशों को करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्री ने न केवल आतंकवाद को संरक्षण देने वाले पाकिस्तान को वैश्विक पटल पर आईना दिखाया, बल्कि भारत की संप्रभुता को आंख दिखाने वाले चीन को भी साफ शब्दों में अपनी सीमाएं याद दिलाई हैं।

विदेश मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद और वार्ता एक साथ नहीं चल सकते। उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि जो देश आतंकवाद का इस्तेमाल अपनी कूटनीति के हथियार के रूप में करते हैं, वे एक दिन खुद इसके शिकार बनते हैं। बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सीमा पार से संचालित होने वाले आतंकवाद को पनाह देने वालों के प्रति अब और नरमी नहीं बरतनी चाहिए।

भारत की उत्तरी सीमाओं पर चल रहे तनाव का जिक्र करते हुए जयशंकर ने ड्रैगन को दो टूक चेतावनी दी कि संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज की बदलती वैश्विक परिस्थितियों में संयुक्त राष्ट्र जैसी प्रमुख संस्थाओं में तत्काल सुधार की आवश्यकता है, ताकि दुनिया की वर्तमान वास्तविकताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके। विदेश मंत्री ने दृढ़ता के साथ दोहराया कि आज का भारत अपनी राष्ट्रीय प्राथमिकताओं और हितों के आधार पर स्वतंत्र निर्णय लेता है, और किसी भी बाहरी दबाव या प्रभाव में आने वाला नहीं है।