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हर बच्चे को मिलेगा एक ग्राम सोने की अंगूठी

मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु के नवजातों के लिए नई योजना बनायी

मातृ मामा स्वर्ण अंगूठी योजना है

755.83 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित

सवा लाख से अधिक अंगूठियां तैयार हुई

राष्ट्रीय खबर

चेन्नईः मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय सोमवार को थैइममन थंगा मोथिरम थिट्टम (मातृ-मामा स्वर्ण अंगूठी योजना) कल्याणकारी योजना की शुरुआत करेंगे। इस योजना के तहत राज्य के सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले बच्चों को सरकार की ओर से एक ग्राम सोने की अंगूठी प्रदान की जाएगी। मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री इस योजना का शुभारंभ करने के लिए मदुरै पहुंचेंगे और सरकारी राजाजी अस्पताल (जीआरएच) में इसका उद्घाटन करेंगे।

एक विशेष उड़ान से मदुरै पहुंचने वाले विजय जीआरएच सभागार में इस योजना का उद्घाटन करेंगे और वहां 25 नवजात शिशुओं को सोने की अंगूठी भेंट करेंगे। इसके अलावा, उनके प्रसूति वार्ड का दौरा करने और उस दिन जन्मे शिशुओं को व्यक्तिगत रूप से अंगूठियां भेंट करने का भी कार्यक्रम है।

इस एक ग्राम सोने की अंगूठी योजना का लाभ उठाने के लिए नवजात शिशुओं की माताओं का तमिलनाडु का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है। इस योजना को मूल रूप से दिवंगत मुख्यमंत्री सी.एन. अन्दुरै की जयंती यानी 15 सितंबर को लॉन्च किया जाना था, लेकिन मुख्यमंत्री विजय की लंदन की विदेश यात्रा के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था।

मातृ-मामा स्वर्ण अंगूठी योजना के अंतर्गत सरकारी अस्पताल में जन्म लेने वाले प्रत्येक पात्र नवजात शिशु को 22 कैरेट का एक ग्राम सोने की अंगूठी दी जाएगी। राज्य सरकार ने इस योजना के लिए 755.83 करोड़ रुपये का वार्षिक बजट आवंटित किया है। योजना के पहले चरण में 1.28 लाख सोने की अंगूठियां तैयार की गई हैं। सरकार द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि ये सोने की अंगूठियां विशिष्ट सीरियल नंबर (क्रमांक) के साथ और छेड़छाड़ से सुरक्षित (टैम्पर-प्रूफ) पैकेजिंग में वितरित की जाएंगी।

यह योजना मदुरैनाथकम और धारापुरम विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाले इलाकों को छोड़कर पूरे राज्य में लागू की जाएगी, जहां 6 अक्टूबर को उपचुनाव होने हैं। पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण प्रेग्नेंसी एंड इन्फेंट कॉहोर्ट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन प्रणाली के तहत होना चाहिए और उनके पास एक रीप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ आईडी होनी चाहिए। अस्पताल से छुट्टी मिलते समय ही लाभार्थियों को ये सोने की अंगूठियां प्रदान कर दी जाएंगी।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि इस योजना से न केवल सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में जनता का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि अस्पतालों में सुरक्षित प्रसव प्रथाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार के अनुसार, तमिलनाडु में हर साल लगभग 7.80 लाख बच्चों का जन्म होता है और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-6 के मुताबिक, इनमें से 99.9 प्रतिशत प्रसव स्वास्थ्य संस्थानों में होते हैं। इनमें से लगभग 4.20 लाख यानी 53 प्रतिशत प्रसव सरकारी अस्पतालों में होते हैं, और सरकारी अस्पतालों में होने वाले संस्थागत प्रसवों का 90 प्रतिशत हिस्सा व्यापक आपातकालीन प्रसूति एवं नवजात शिशु देखभाल केंद्रों में होता है।

दिन के बाद के कार्यक्रमों में, मुख्यमंत्री पुनर्निर्मित गांधी मेमोरियल म्यूजियम का उद्घाटन करेंगे और वहां की सुविधाओं का निरीक्षण करेंगे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन उम्मीद है कि विजय मदुरै के प्रसिद्ध मीनाक्षी सुंदरेश्वरार मंदिर भी जाएंगे, जहां हाल ही में महाकुंभ अभिषेक संपन्न हुआ है।