आप से भाजपा गये सांसद राघव चड्डा की बातों का असर
तेरह माह के बदले 12 माह खर्च
पहले 28 दिन का होता था यह
बिना डेटा का भी रिचार्ज देना होगा
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः केंद्र सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों के लिए प्रीपेड उपयोगकर्ताओं को अधिक लचीले रीचार्ज विकल्प प्रदान करना अनिवार्य कर दिया है। इसके तहत अब 30 दिन की वैधता वाले प्लान और केवल वॉइस-कॉल तथा एसएमएस वाले बुनियादी प्लान पेश करना जरूरी कर दिया गया है।
भारतीय टेलीकॉम नियामक प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, अब टेलीकॉम ऑपरेटरों को ग्राहकों को केवल पारंपरिक 28-दिन वाले प्लान तक सीमित रखने के बजाय 30-दिन का रीचार्ज विकल्प देना होगा। इस बदलाव का सीधा मतलब यह है कि 30-दिन के प्लान चुनने वाले उपयोगकर्ताओं को साल में 13 बार के बजाय अब केवल 12 बार रीचार्ज कराना होगा।
इसके अलावा, ट्राई ने ऑपरेटरों को ऐसे प्लान भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, जिनमें उन ग्राहकों के लिए बिना डेटा बंडल किए केवल वॉइस कॉल और एसएमएस की सुविधा हो, जिन्हें इंटरनेट सेवाओं की आवश्यकता नहीं होती है। ट्राई का कहना है कि 2024 के संशोधन के बाद से केवल वॉइस और एसएमएस वाले कम वैधता वाले प्लान्स की उपलब्धता काफी सीमित रह गई थी, और मौजूदा विकल्प मुख्य रूप से लंबी अवधि की वैधता वाले प्लान्स तक ही केंद्रित थे।
भाजपा सांसद राघव चड्ढा ने 11 मार्च को संसद में सीमित और अनुचित रीचार्ज विकल्पों को लेकर चिंता जताई थी और इस मुद्दे को हल करने के लिए केंद्र सरकार तथा ट्राई की सराहना की।
राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, सरकार ने अभी-अभी नये प्रावधान पेश किए हैं। उन्होंने आगे कहा कि कई लोगों ने सीमित रीचार्ज विकल्पों को लेकर अपनी चिंताएं साझा की थीं, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ताओं के लिए अधिक विकल्प और किफायती योजनाएं चाहने के वास्ते यह मुद्दा संसद में उठाया था।
ये केवल वॉइस और एसएमएस वाले प्लान 30-दिन और इससे कम वैधता अवधि में उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, ऑपरेटरों को एक ऐसा विकल्प भी देना होगा जिसे हर महीने की एक ही तारीख को आसानी से रीनू (नवीनीकृत) किया जा सके। यदि किसी विशेष महीने में वह निश्चित तारीख नहीं आती है, तो रीनू करने की प्रक्रिया उस महीने के आखिरी दिन पूरी की जाएगी।
ये नए नियम विशेष रूप से उन उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं जिन्हें सीमित डेटा की जरूरत है या जिन्हें बिल्कुल भी डेटा नहीं चाहिए, जैसे कि फीचर फोन का उपयोग करने वाले लोग, वरिष्ठ नागरिक और ग्रामीण क्षेत्रों के ग्राहक। संशोधित नियमों के राजपत्र में प्रकाशित होने के 30 दिनों के भीतर लागू होने की उम्मीद है। इससे प्रीपेड उपयोगकर्ताओं के पास रीचार्ज के कई विकल्प होंगे और उन ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलेंगे जिन्हें मोबाइल इंटरनेट सेवाओं की आवश्यकता नहीं होती है।