विशेष सत्र और विशेष प्रस्ताव पर अड़ा विपक्ष
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नवीन पटनायक ने स्पष्ट पत्र लिखा है
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कानून और व्यवस्था पर भी हंगामा होगा
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भाजपा ने चुनावी वादा पूरा नहीं किया है
प्रसन्न महांति
भुवनेश्वरः मंगलवार से शुरू हो रहा ओडिशा विधानसभा का मानसून सत्र हंगामेदार रहने वाला है। एमएमडीआर कानून पर विशेष सत्र और विशेष प्रस्ताव की मांग को लेकर विपक्ष सरकार को घेरने की तैयारी में है, लेकिन इसके साथ ही कानून-व्यवस्था, बुढ़ापा पेंशन और कई अन्य ज्वलंत मुद्दे भी इस सत्र में सरकार की मुश्किलें बढ़ाएंगे।
विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को तीसरी बार पत्र लिखकर दो बड़ी मांगें रखी हैं। उन्होंने लिखा है कि एमएमडीआर संशोधन कानून जैसे गंभीर विषय पर चर्चा के लिए अलग से विशेष सत्र बुलाया जाए। इसके अलावा विधानसभा में सर्वसम्मति से विशेष प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से एमएमडीआर कानून वापस लेने की मांग की जाए।
नवीन का आरोप है कि केंद्र के इस कानून ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले को पलट दिया है, जिसमें ओडिशा को खनन कंपनियों से करीब 1 लाख करोड़ रुपये का बकाया वसूलने का अधिकार मिला था। बीजेडी ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार मंगलवार को विशेष प्रस्ताव नहीं लाती है, तो पार्टी स्थगन प्रस्ताव लाकर सदन नहीं चलने देगी।
राज्य में पिछले तीन महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध की बढ़ती घटनाओं को लेकर बीजेडी और कांग्रेस एक साथ सरकार को घेरेंगे। विपक्ष का आरोप है कि राज्य में पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है। मधु बाबू पेंशन योजना के वेरिफिकेशन के नाम पर हजारों बुजुर्गों की पेंशन रोके जाने का मुद्दा विपक्ष उठाएगा।
आरोप है कि फर्जी लाभार्थियों के नाम पर असली गरीबों की पेंशन काटी जा रही है। इसके अलावा खरीफ सीजन में किसानों को खाद की किल्लत, 4000 प्राइमरी स्कूलों के मर्जर का फैसला और महिलाओं को 50 हजार रुपये के वाउचर का चुनावी वादा पूरा न होना, जैसे मुद्दों पर भी सदन में हंगामा होना तय है।