नगर निगम में नक्शा विचलन पर कोई कार्रवाई नहीं
सीबीआई के पास भी लंबित है अनेक मामले
केस लड़ते लड़ते चल बसे हरिनारायण लाखोटिया
झारखंड हाईकोर्ट में भी लंबित है ऐसे अनेक मामले
राष्ट्रीय खबर
रांचीः रांची में भी स्वीकृत नक्शे का विचलन कर बहुमंजिली इमारत बनाने के मामले कुछ कम नहीं हैं। इसके अलावा स्वीकृत नक्शे से हटकर बनाये गये भवनों को तोड़ने के बदले बिल्डरों से खुद का फायदा देखने वाले अधिकारी भी कम नहीं हैं। लिहाजा यह माना जा सकता है कि अब राजधानी रांची में दिल्ली के सत्यनिकेतन जैसे किसी हादसे का इंतजार कर रहा है। समय रहते अगर कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसा होना बहुत स्वाभाविक बात होगी।
राजधानी बनने के तुरंत बाद रांची की आबादी तेजी से बढ़ी और इसी वजह से बहुमंजिली इमारतों की बाढ़ सी आ गयी। चंद मामलों में कार्रवाई हुई तो अंतिम कार्रवाई भी फाइलों के मकड़जाल में उलझकर रह गयी। शहीद चौक के करीब स्थित गोपाल कॉंप्लैक्स के बगल में बने एक ऐसी ही इमारत के मामले में नगर निगम से हाई कोर्ट तक केस लड़ते लड़ते हरिनारायण लाखोटिया का निधन हो गया लेकिन अब तक मामले में न्याय नहीं मिला। न्याय में इस देर की असली वजह उनके खिलाफ शहर के एक बड़े वकील सह भाजपा नेता का होना है। जिनके प्रभाव से अंतिम फैसला आने के पहले ही तारीख पे तारीख का खे हर बार होता रहा।

मोरहाबादी में एक बहुमंजिली इमारत के लिए नींव खोदने के दौरान बगल के बिल्डिंग की चारदीवारी हिल गयी। इसे लेकर भी निवासी नगर निगम पहुंचे। शिकायत दर्ज करने के बाद अंततः इसकी भी फाइल कहीं दफ्तर में ही खो गयी। बता दें कि काफी पहले यह मामला चर्चा में आया था और हाईकोर्ट के निर्देश पर ऐसे कई मामले सीबीआई तक को सौंपे गये थे।
इसके अलावा रांची स्थित सीआईडी मुख्यालय में भी कुछ मामलों की जांच हो रही थी। इनमें से कोई भी मामला आज तक अपने अंतिम निष्कर्ष तक नहीं पहुंचा। अब इस देर की वजह सिर्फ अफसरों का निजी तौर पर उपकृत होना ही है। वरना हाईकोर्ट के एक निर्देश पर पूरी राजधानी के फुटपाथी दुकानदारों को उजाड़ने में नगर निगम को बिल्कुल भी वक्त नहीं लगा।
इन तमाम कारणों से हम मान सकते हैं कि नगर निगम के अफसर भी दिल्ली के हादसे की तरह किसी बहुमंजिली इमारत के गिरने और उसमें दबकर लोगों की मौत होने का इंतजार कर रहे हैं। हादसा होने के बाद सरकार के निर्देश पर कार्रवाई की गाड़ी आगे बढ़ायी जाएगी। तब तक चांदी के जूतों की मार से बंद जुबान वाले अपनी तरफ से अपनी जिम्मेदारियो का पालन नहीं करेंगे।