दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया
निशू प्रसाद के पिता पर हमला किया
बार बार धमकियां भी देता जा रहा
राहुल और आप ने भी बयान दिया
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी की प्रदर्शनकारी निशू आजाद ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ 72 घंटे के भीतर कार्रवाई की जाएगी। जंतर-मंतर पर एक प्रदर्शन के दौरान निशू के पिता पर हुए हमले के विरोध में सीजेपी प्रवक्ता सौरभ दास सहित पार्टी कार्यकर्ता पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने के बाहर जमा हुए थे। निशू ने कहा, पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि स्वतंत्र को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। कई दिनों से उनके समर्थक मुझे गालियां दे रहे हैं और दुष्कर्म की धमकियां भेज रहे हैं। मैंने उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। इस घटना से मैं काफी आहत हुई और कई हफ्तों तक स्कूल नहीं जा सकी।
यह आश्वासन भारद्वाज के उस साक्षात्कार के वायरल होने के बाद आया, जिसमें उसने खुद को कट्टर हिंदू बताते हुए स्वीकार किया था कि उसने निशू के पिता संजय कुमार का सर फोड़ा था और गंभीर अपराध के बावजूद जेल जाने से बच गया। भारद्वाज ने दावा किया था कि दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से राजनीतिक संबंधों के कारण उसे जेल नहीं जाना पड़ा।
उसने कहा कि एक राजनेता का फोन आने के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। एक अन्य वीडियो में भारद्वाज कड़े से हमला करने की बात स्वीकारते हुए कहता है कि उसमें अपराध करने के बाद उसे कबूलने की हिम्मत है। उसने आगे भी हिंसक कार्रवाई करने की धमकी दी। हालांकि, शुक्रवार को भारद्वाज ने वीडियो को नकली बताते हुए दावा किया कि उसने आत्मरक्षा में हमला किया था। उसने कहा, यदि मैं आत्मरक्षा न करता तो 10-15 लोगों की भीड़ मेरी लिंचिंग कर देती।
मेरे कड़े से उसे हल्की चोट लगी थी और मैं जांच में सहयोग कर रहा हूं। मंत्रियों का नाम मैंने केवल व्यंग्य में लिया था। दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने बृहस्पतिवार को कहा कि विवाद में संजय कुमार को मामूली चोट आई थी, सर फटने का दावा गलत है। पुलिस के अनुसार भारद्वाज और अन्य आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी तथा जल्द ही आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा।
दूसरी तरफ वीडियो वायरल होने के बाद राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी ने भी इस पर प्रतिक्रिया जतायी है। जिसकी वजह से बड़बोले हिंदुवादी युवक के खिलाफ माहौल बन गया था। प्रारंभ में पुलिस इस मामले को रफा दफा करना चाहती थी। आज के प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में प्रदर्शनकारियों के जुट जाने के बाद पुलिस ने अपना रुख बदल लिया।