शिवपुरी (मध्य प्रदेश): पुलिस सेवा में कार्य के घंटे अनिश्चित होते हैं; दिन-रात और आपातकालीन परिस्थितियों में अचानक ड्यूटी पर तैनात होना पड़ता है।
ऐसी स्थिति में उन महिला पुलिसकर्मियों को सबसे ज्यादा मानसिक व पारिवारिक तनाव से गुजरना पड़ता है, जिनके छोटे बच्चे हैं। इस गंभीर व्यावहारिक समस्या का समाधान करते हुए शिवपुरी जिला पुलिस ने पुलिस कंट्रोल रूम परिसर में मध्य प्रदेश का पहला हाईटेक और आधुनिक ‘झूला घर’ (पुलिस क्रेच) शुरू किया है, जहां महिला पुलिसकर्मी ऑन-ड्यूटी रहने के दौरान अपने बच्चों को सुरक्षित वातावरण में छोड़ सकती हैं।
🧸 एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने किया शुभारंभ: बच्चों को मिलेगा घर जैसा सुरक्षित माहौल
झूला घर का समय और प्रमुख व्यवस्थाएं:
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औपचारिक उद्घाटन: इस अनूठी व कल्याणकारी पहल की शुरुआत 30 अगस्त को जिले की पुलिस अधीक्षक (SP) यांगचेन डोलकर भूटिया द्वारा फीता काटकर की गई।
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संचालन का समय: यह आधुनिक झूला घर सुबह 10:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक संचालित होगा, जिससे कार्य समय के दौरान बच्चों की समुचित देखभाल हो सके।
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देखभाल और स्टाफ: झूला घर प्रभारी रूशी शेखावत के अनुसार, बच्चों की देखभाल का जिम्मा प्रशिक्षित पुलिस महिला स्टाफ द्वारा संभाला जा रहा है। बच्चों की संख्या में वृद्धि होने पर उसी अनुपात में अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा।
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सुविधाओं का प्रबंध: परिसर में बच्चों के लिए आरामदायक पालने, विश्राम कक्ष, मनोरंजक खिलौने, प्राथमिक शिक्षण सामग्री और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया गया है।
🎨 खेल-खेल में पढ़ाई और रचनात्मक गतिविधियां: एक्टिविटी आधारित देखभाल
बच्चों के समग्र विकास और व्यस्तता का प्रारूप:
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रचनात्मक दिनचर्या: झूला घर में तैनात महिला पुलिसकर्मियों का मुख्य ध्येय बच्चों को केवल संभालना ही नहीं, बल्कि विभिन्न मनोरंजक और शैक्षणिक गतिविधियों में व्यस्त रखना है।
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खेल और कविताएं: बच्चों को इनडोर गेम्स खिलाए जाते हैं, बाल कविताएं सिखाई जाती हैं और विभिन्न क्रिएटिव एक्टिविटीज कराई जाती हैं।
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तनावमुक्त माहौल: इस पूरी व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि बच्चे यहां खुशहाल व सुरक्षित माहौल महसूस करें, जिससे उनकी माताएं बिना किसी मानसिक दबाव के अपनी आधिकारिक ड्यूटी का निर्वहन कर सकें।
👩👧👦 ‘अब बेफिक्र होकर कर सकते हैं ड्यूटी’: महिला पुलिसकर्मियों ने जाहिर की खुशी
महिला कर्मियों के अनुभव और राहत:
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पहले की चुनौतियां: देहात थाने में पदस्थ महिला पुलिसकर्मी अंजली पाठक ने बताया कि उनके दो बच्चे हैं और पहले ड्यूटी के दौरान उन्हें किसी भरोसेमंद स्थान पर छोड़ने की सबसे विकट समस्या रहती थी; कई बार बच्चों को साथ लेकर ही ड्यूटी करनी पड़ती थी।
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निःसंकोच ड्यूटी: झूला घर शुरू होने के बाद अब वे अपने बच्चों को सुरक्षित हाथों में सौंपकर निश्चिंत होकर फील्ड व थाने की जिम्मेदारी निभा पा रही हैं।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम: झूला घर में बच्चों की चौबीसों घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी कैमरे (CCTV), डेडिकेटेड महिला स्टाफ और बुनियादी स्वास्थ्य संसाधन मौजूद हैं।
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प्रदेश के लिए प्रेरणादायी कदम: शिवपुरी पुलिस की इस संवेदनशील और प्रगतिशील पहल को पूरे मध्य प्रदेश के पुलिस महकमे के लिए एक अनुकरणीय व स्वागतयोग्य मॉडल माना जा रहा है।