रूसी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के बीच शांति का संदेश
एससीओ सम्मेलन के बीच हुई वार्ता
शांति के हर प्रयास का समर्थन है
मानवीय दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं
विश्केकः शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वार्ता आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन में जारी भीषण संघर्ष को तत्काल समाप्त करने और दोनों पक्षों से युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ने का मजबूत आह्वान किया। दोनों नेताओं की यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक समुदाय और विशेषकर भारत, बहुपक्षीय आर्थिक और कूटनीतिक दबावों का सामना कर रहा है।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के स्पष्ट रुख को रेखांकित करते हुए कहा, भारत यूक्रेन युद्ध में शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और आगे भी ऐसा करता रहेगा। उन्होंने मानवीय दृष्टिकोण पर बल देते हुए आगे जोड़ा कि हमें कभी न खत्म होने वाले युद्ध से बाहर निकलकर युद्ध के अंत और शत्रुता के स्थायी समापन की ओर बढ़ना होगा। वैश्विक संघर्ष के मानवीय मूल्य का उल्लेख करते हुए मोदी ने भावुक टिप्पणी की कि हर एक दिन जब यह युद्ध जारी रहता है, मानवता एक कदम पीछे चली जाती है।
इसी बीच, भारत और रूस के बीच बढ़ते ऊर्जा व्यापार पर अमेरिकी दबाव लगातार गहराता जा रहा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में लिंडसे ग्राहम के नाम पर एक नया विधेयक पारित होने की उम्मीद है, जिसके तहत रूस से सबसे ज्यादा कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस खरीदने वाले शीर्ष पांच देशों—जिसमें भारत और चीन प्रमुख हैं—पर 100 फीसद तक का भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है।
मौजूदा व्यापारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक पहुंच गई थी, और हालिया आंकड़ों में यह लगभग 43 प्रतिशत बनी हुई है। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से जुलाई के बीच रूस से भारत का आयात बढ़कर 34 अरब डॉलर से अधिक हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 60 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। वाशिंगटन लगातार नई दिल्ली पर दबाव बना रहा है कि वह रूसी कच्चे तेल पर अपनी निर्भरता कम करे और इसके विकल्प के रूप में वेनेजुएला के तेल का आयात बढ़ाए। मोदी के साथ बैठक में पुतिन ने द्विपक्षीय व्यापार के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचने की सराहना की, हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि व्यापारिक आंकड़ों में हाल में मामूली गिरावट भी दर्ज की गई है।