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हटिया से टिकट की चाह दिल में ही धरी रह गयी

मुसलमानों के खिलाफ विवादित बयान पर कांग्रेस की कार्रवाई

बयान का लाइव प्रसारण हो गया था

पहले से ही निशाने पर आये थे अभिलाष

अब हटिया के टिकट की दावेदारी भी खत्म

राष्ट्रीय खबर

रांचीः झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने अनुशासन का डंडा चलाते हुए अपने दो वरिष्ठ पदाधिकारियों को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। यह फैसला प्रदेश अनुशासन समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया। दोनों नेताओं पर एक विरोध प्रदर्शन के दौरान मुस्लिम समुदाय के खिलाफ अमर्यादित और भड़काऊ बयानबाजी करने का आरोप है।

घटना लगभग दो माह पूर्व की है, जब ओरमांझी क्षेत्र में एक स्थानीय प्रदर्शन के कारण सड़क मार्ग अवरुद्ध हो गया था और वाहनों की लंबी कतारें लग गई थीं। उसी दौरान हजारीबाग जा रहे कांग्रेस नेता अभिलाष साहू और अमरेंद्र प्रताप सिंह भी इस यातायात जाम में फंस गए। जाम से परेशान होकर दोनों नेताओं का आपा खो गया और उन्होंने प्रदर्शनकारियों व विशेष समुदाय को निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणियां करना शुरू कर दिया।

दोनों नेता इस बात से बेखबर थे कि उस वक्त उनका सोशल मीडिया पर ‘फेसबुक लाइव’ चल रहा था। बयान में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रशासनिक मॉडल की तारीफ करते हुए आपत्तिजनक बातें कही गई थीं। यह वीडियो तेजी से इंटरनेट पर वायरल हो गया, जिसके बाद पार्टी के आंतरिक हलकों में भारी असंतोष फैल गया। कार्यकर्ताओं की शिकायत पर प्रदेश नेतृत्व ने दोनों को कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिस जारी किया था, जिसका संतोषजनक जवाब न मिलने पर अंततः निलंबन की कार्रवाई की गई।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस अनुशासनात्मक कार्रवाई के पीछे केवल बयानबाजी ही नहीं, बल्कि पार्टी की अंदरूनी गुटबाजी भी एक प्रमुख वजह है। निलंबित नेताओं में से एक, अभिलाष साहू—जो पूर्व में कांग्रेस पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का नेतृत्व कर चुके हैं—आगामी चुनावों में हटिया विधानसभा सीट से टिकट की दौड़ में अग्रिम पंक्ति में थे। हटिया क्षेत्र में मुस्लिम मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए उनके इस बयान ने उनकी उम्मीदों को करारा झटका दिया है। इसके अलावा, प्रांतीय संगठन के हालिया पुनर्गठन में उनकी सक्रियता से कई दिग्गज नेता उनसे असहज महसूस कर रहे थे। वहीं, दूसरे निलंबित नेता अमरेंद्र प्रताप सिंह, पार्टी के कद्दावर नेता रहे दिवंगत पी.एन. सिंह के पुत्र हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने दोनों नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।