गिरिडीह पुलिस की अनूठी सेवा: कांवरियों के लिए 24 घंटे खुला सेवा शिविर, खुद भोग परोसते हैं SP डॉ. बिमल कुमार
गिरिडीह (झारखंड): कानून व्यवस्था बनाए रखने वाली खाकी का एक अत्यंत संवेदनशील और सेवाभावी रूप गिरिडीह में देखने को मिल रहा है। जिले के पुलिस कप्तान डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में पूरी पुलिस टीम पिछले एक पखवाड़े से सुरक्षा के साथ-साथ बाबा भोलेनाथ के भक्तों की 24 घंटे निस्वार्थ सेवा में जुटी हुई है। देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले और वहां से जलार्पण कर लौटने वाले श्रद्धालुओं के लिए गिरिडीह पुलिस लाइन के पास सर्वसुविधायुक्त शिविर स्थापित किया गया है, जहां विश्राम, स्नान, भोजन और चिकित्सा की समुचित व्यवस्था की गई है।
🛏️ 600 लोगों के ठहरने की उत्तम व्यवस्था, स्वच्छता का रखा जा रहा विशेष ध्यान
शिविर में श्रद्धालुओं की सुविधा और स्वच्छता के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं:
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विश्राम की व्यवस्था: 500 मीटर के दायरे में दो स्थानों पर बेड लगाए गए हैं। भोजन व चिकित्सा केंद्र के पास करीब 100 बेड और 500 मीटर दूरी पर स्थित तीन भवनों में 500 बेड लगाए गए हैं, जहां एक साथ 600 श्रद्धालु विश्राम कर सकते हैं।
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शौचालय व स्नान सुविधा: कांवरियों के लिए पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे अस्थायी व स्थायी स्नानघर तथा शौचालय उपलब्ध कराए गए हैं।
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उत्कृष्ट स्वच्छता: भारी भीड़ के आवागमन के बावजूद पूरे परिसर में कचरा प्रबंधन और निरंतर सफाई की विशेष व्यवस्था की गई है।
🍲 सखुआ के दोने में सात्विक भोग, एसपी खुद शाम को परोसते हैं प्रसाद
शिविर में सात्विक और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है:
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भोग का स्वरूप: कांवरियों के लिए खिचड़ी, दूध की खीर, गर्म चाय, बुंदिया और ताजे फलों की निरंतर व्यवस्था है।
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पारंपरिक सखुआ दोना: पर्यावरण का ध्यान रखते हुए भोजन और प्रसाद प्राकृतिक सखुआ (साल) के पत्तों से बने दोनों में परोसा जाता है।
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एसपी की सहभागिता: पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार प्रतिदिन शाम को शिविर पहुंचकर स्वयं भक्तों को भोजन और प्रसाद परोसते हैं। अब तक करीब 75,000 श्रद्धालु इस महाप्रसाद का लाभ ले चुके हैं।
🩺 3 हजार से अधिक भक्तों की स्वास्थ्य जांच, एक्यूप्रेशर थेरेपी की भी सुविधा
पैदल यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए मेडिकल कैंप सक्रिय है:
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नियमित मेडिकल चेकअप: डॉ. अनिल कुमार के नेतृत्व में अब तक 2,500 से 3,000 कांवरियों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित की गई हैं।
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एक्यूप्रेशर चिकित्सा: डॉ. भारती द्वारा थकान और मांसपेशियों के दर्द से राहत के लिए एक्यूप्रेशर पद्धति से सैकड़ों श्रद्धालुओं को निशुल्क थेरेपी दी जा रही है।
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जनसेवा: यह मेडिकल कैंप न केवल कांवरियों बल्कि स्थानीय सामान्य नागरिकों के उपचार के लिए भी खुला हुआ है।
🚗 रात्रि वाहन चालकों को चाय और पानी: दुर्घटना रोकने की अभिनव पहल
सड़क हादसों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस ने ‘ड्राइवर रिफ्रेशमेंट’ अभियान भी शुरू किया है:
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थकान दूर करने का प्रयास: रात के समय लगातार गाड़ी चलाने से होने वाली थकान और झपकी को रोकने के लिए पुलिसकर्मी लंबी दूरी के वाहनों को रोकते हैं।
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चाय और जलपान: चालकों को मुंह-हाथ धुलवाकर गर्म चाय पिलाई जाती है, ताकि वे तरोताजा होकर सुरक्षित ड्राइविंग कर सकें।
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सक्रिय पुलिस गश्ती: रातभर प्रमुख मार्गों पर पुलिस पेट्रोलिंग दल सक्रिय रहकर राहगीरों और वाहनों को पूर्ण सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं।
🤝 2 अगस्त से अनवरत जारी शिविर, स्थानीय नागरिकों और वकीलों का भरपूर सहयोग
इस मानवीय अभियान को सफल बनाने में स्थानीय समाज की भी बड़ी भागीदारी है:
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स्थानीय सहयोग: स्थानीय नागरिक नरेश साव, अधिवक्ता मुकेश साव, बीरू, चंद्रकांत, श्रीकांत, दिनेश यादव, रॉकी सहित कई गणमान्य लोग पुलिसकर्मियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सेवा दे रहे हैं।
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श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया: अयोध्या, बलिया, बिहार, ओडिशा और छत्तीसगढ़ से आए श्रद्धालुओं ने कहा कि गिरिडीह बॉर्डर में प्रवेश करते ही पुलिस के सहायता बोर्ड दिखने लगे और ऐसी अभूतपूर्व व्यवस्था वाला पुलिस शिविर उन्होंने पहली बार देखा है।
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सावन भर संचालन: एसपी डॉ. बिमल कुमार के अनुसार, मानव सेवा को समर्पित यह शिविर सावन मास के अंतिम दिवस तक निरंतर संचालित रहेगा।