बोकारो (झारखंड): बोकारो स्टील सिटी के सेक्टर-4 स्थित मोहन कुमार मंगलम स्टेडियम में ‘दूसरी एनटीपीसी राष्ट्रीय रैंकिंग तीरंदाजी प्रतियोगिता’ का विधिवत एवं भव्य शुभारंभ हुआ।
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता आगामी 29 अगस्त तक आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का औपचारिक उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने स्वयं धनुष से तीर चलाकर और आकाश में रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर किया। इस गरिमामय अवसर पर गिरिडीह सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी, स्थानीय विधायक श्वेता सिंह और बोकारो तीरंदाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. लंबोदर महतो सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व खेल जगत की हस्तियां उपस्थित रहीं।
🎯 देशभर से पहुंचे 900 से अधिक तीरंदाज, 3 वर्गों में दिखाएंगे प्रतिभा का दम
राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से शीर्ष खिलाड़ी पहुंचे हैं:
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खिलाड़ियों की भागीदारी: देशभर से 900 से अधिक महिला एवं पुरुष तीरंदाज इस महाकुंभ में अपनी प्रतिभा और सटीकता का प्रदर्शन कर रहे हैं।
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विभिन्न आयु वर्ग: प्रतियोगिता का आयोजन सीनियर, जूनियर और सब-जूनियर—तीनों प्रमुख श्रेणियों में रिकर्व, कंपाउंड और इंडियन राउंड के तहत किया जा रहा है।
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कड़ा मुकाबला: देश के विभिन्न खेल बोर्डों और राज्य अकादमियों के शीर्ष रैंक वाले तीरंदाज राष्ट्रीय स्तर पर रैंकिंग सुधारने के लिए एक-दूसरे को चुनौती दे रहे हैं।
🏛️ ‘तीरंदाजी देश का प्राचीन खेल, 2014 के बाद खेलों को मिला नया आयाम’ — राज्यपाल
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया:
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खेल संस्कृति को बढ़ावा: राज्यपाल ने कहा कि तीरंदाजी भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और खेल परंपरा का अभिन्न हिस्सा है।
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अवसरों का विस्तार: वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने के लिए ठोस नीतियां बनाई गई हैं।
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झारखंड की भूमिका: उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि झारखंड राज्य पारंपरिक रूप से तीरंदाजी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करता रहा है और बोकारो में इस तरह के विशाल आयोजन से स्थानीय व राज्य स्तरीय युवाओं को नई ऊर्जा मिलेगी।
🌟 झारखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगी प्रतियोगिता — लंबोदर महतो
बोकारो तीरंदाजी एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. लंबोदर महतो ने आयोजन के महत्व को रेखांकित किया:
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मील का पत्थर: उन्होंने कहा कि बोकारो की धरती पर राष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग प्रतियोगिता का आयोजन झारखंड के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर की उम्मीद: इस तरह के आयोजनों से राज्य के नवोदित तीरंदाजों को राष्ट्रीय फलक पर अपनी क्षमता साबित करने का मौका मिलेगा।
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गौरव बढ़ाने का संकल्प: उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में झारखंड के तीरंदाज राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों (ओलंपिक और एशियाई खेलों) पर पदक जीतकर राज्य व देश का नाम रोशन करेंगे।