यूरोप के धार्मिक लोगों के लिए पोलैंड का गांव नया ठिकाना
वारसाः शनिवार को पोलैंड में एक भव्य और पवित्र चर्च समारोह के दौरान वर्जिन मैरी की एक विशाल प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की गई। इसके साथ ही यह स्मारक 55 मीटर से अधिक की कुल ऊंचाई के साथ यूरोप में ईसा मसीह की माता (मदर मैरी) की सबसे बड़ी प्रतिमा बन गया है।
यह विशाल स्मारक वारसा से लगभग 190 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में स्थित टोरून के पास कोनोटॉपे गांव में स्थापित किया गया है। अकेले इस प्रतिमा की ऊंचाई 40.6 मीटर है, जबकि इसके मुकुट के आकार के चबूतरे (प्लिंथ) की ऊंचाई 15 मीटर है।
इस भव्य स्मारक का निर्माण देश के सबसे अमीर लोगों में शुमार 75 वर्षीय निजी दाता और व्यवसायी रोमन कार्कोसिक ने कराया है। कार्कोसिक ने ऑटोमोटिव सप्लाई इंडस्ट्री में अपनी संपत्ति बनाई है और वह पोलैंड के सबसे जाने-माने शेयर बाजार निवेशकों में से एक भी हैं।
इस परियोजना के पीछे की प्रेरणा के बारे में पूछे जाने पर, इस बहु-करोड़पति ने फाइनेंशियल टाइम्स को केवल इतना बताया कि उन्होंने यह प्रतिमा मैरी के प्रति कृतज्ञता के रूप में बनवाई है। पोलैंड के वास्तुकला पोर्टल आर्किटेक्चर मुरादोर ने इस निर्माण की कुल लागत 2.3 करोड़ यूरो (लगभग 2.66 करोड़ अमेरिकी डॉलर) के बराबर आंकी है।
कोनोटॉपे की विशाल मैरी पोलैंड में अपनी तरह का पहला बड़ा धार्मिक स्मारक नहीं है। वर्ष 2010 से जर्मन सीमा के पास स्थित श्विएबोज़िन शहर ईसा मसीह की एक विशाल मूर्ति का घर रहा है।
यह प्रतिमा ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में स्थित प्रसिद्ध क्राइस्ट रिडीमर पर आधारित है और इसके मुकुट सहित इसकी ऊंचाई 36 मीटर है। उस परियोजना को पूरी तरह से सार्वजनिक दान के माध्यम से वित्त पोषित किया गया था। जहां एक ओर कोनोटॉपे के स्थानीय निवासी इस पहल से मुख्य रूप से पर्यटकों और तीर्थयात्रियों के भारी आगमन की उम्मीद कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पोलैंड की सार्वजनिक बहस में इस स्मारक को आलोचना का सामना भी करना पड़ा है। डोमिनिकन फ्रायर (पादरी) पावेल गुज़ींस्की ने इस प्रतिमा को एक खेत में खड़े किंग कोंग की संज्ञा दी है। पादरी ने रेडियो ज़ेड को दिए साक्षात्कार में कहा कि यह पूरी परियोजना बाइबिल की मूर्तिपूजा से जुड़ी कहानी का संदर्भ देते हुए स्वर्ण बछड़े के चारों ओर नाचने का एक रूप है।