इस्तीफा देने के बाद अपने राज्य के संभलपुर में जानकारी दी
संबलपुर की जनसभा में यह बयान दिया
वे सारे सभी युवक हमारे अपने ही तो हैं
पीएम की अनुमति से बाकी फैसले लिये गये
राष्ट्रीय खबर
भुवनेश्वरः पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को कहा कि उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों की मांगें मानने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से व्यक्तिगत रूप से अनुमति मांगी थी। श्री प्रधान ने कहा कि प्रधानमंत्री इसके लिए सहमत हो गए थे और उन्होंने युवाओं से बातचीत भी की थी। छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्री के पद से हटने वाले श्री प्रधान ने दावा किया कि यह उनके लिए कभी भी प्रतिष्ठा का मुद्दा नहीं था। ओडिशा के संबलपुर में पद्म श्री पुरस्कार विजेताओं द्वारा आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, हाल ही में हुई घटनाएं दिखाती हैं कि कुछ लोगों ने जेन जेड या युवाओं की नई पीढ़ी को गुमराह करने की कोशिश की। जेन जेड कौन हैं? मेरा मानना है कि वे हमारे अपने हैं। यह मेरे लिए कभी भी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का मामला नहीं था।
श्री प्रधान ने कहा, यदि भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे पैदा होते हैं, तो एक दशक में 15 से 25 वर्ष की आयु वर्ग के लगभग 20 करोड़ युवा होंगे। उनके कंधों पर भारत को विश्वगुरु बनाने और वैश्विक कल्याण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी है।
संबलपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद ने कहा, मैं उस भूमि से आता हूँ जहाँ कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने महान बलिदान दिए हैं और मैंने उन मूल्यों को विरासत में पाया है। शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभालना इसकी तुलना में कुछ भी नहीं है। उन्होंने आगे कहा, मैंने प्रधानमंत्री से मुलाकात की और प्रदर्शनकारियों की मांगों को स्वीकार करने के लिए उनकी अनुमति मांगी। प्रधानमंत्री सहमत हो गए और बाद में उन्होंने युवाओं से बातचीत की। राष्ट्र के हित से बढ़कर कुछ नहीं है। युवा पीढ़ी की उम्मीदों और आकांक्षाओं को पूरा करना इस भूमि की महान हस्तियों द्वारा बनाए गए मूल्यों का ही हिस्सा है।
शुक्रवार (7 अगस्त, 2026) को बीजू जनता दल (बीजेडी) के आईटी सेल ने एक्स पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें भुवनेश्वर के बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर लोगों का एक समूह श्री प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए उन्हें वापस जाओ के नारे लगा रहा था। प्रदर्शनकारियों ने श्री प्रधान पर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के आयोजन में कथित अनियमितताओं से जुड़ी आत्महत्याओं के कारण 22 छात्रों की मौत के लिए जिम्मेदार होने का आरोप लगाया था।