रांची में JPSC परीक्षा रद्द करने की मांग तेज: अनशन पर बैठे राहुल क्रांति की बिगड़ी तबीयत, NDA विधायकों का विधानसभा पर प्रदर्शन
रांची (झारखंड): झारखंड की राजधानी रांची में 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) सिविल सेवा परीक्षा को निरस्त करने तथा संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित गंभीर धांधली की स्वतंत्र जांच कराने की मांग को लेकर युवाओं का आंदोलन अत्यंत उग्र रूप धारण कर चुका है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आमरण अनशन पर बैठे 6 अनशनकारी छात्रों में से प्रमुख छात्र नेता राहुल क्रांति की अचानक स्वास्थ्य स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ गई। तबीयत अत्यधिक खराब होने पर प्रशासनिक अमले द्वारा एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें तत्काल सदर अस्पताल रांची में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा पूर्व में वार्ता का आश्वासन दिए जाने के उपरांत भी सरकार की ओर से अब तक आंदोलनकारियों को आधिकारिक बातचीत हेतु कोई औपचारिक बुलावा नहीं भेजा गया है।
🏛️ झारखंड विधानसभा के बाहर NDA विधायकों का जोरदार प्रदर्शन, CBI जांच की उठी मांग
JPSC एवं JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्रों के समर्थन में उतरते हुए विपक्षी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के विधायकों ने शुक्रवार को झारखंड विधानसभा परिसर के बाहर सरकार के विरुद्ध उग्र नारेबाजी व प्रदर्शन किया।
विपक्षी विधायकों ने “हेमंत सोरेन सरकार हाय-हाय”, “युवाओं की नौकरी बेचना बंद करो” तथा “छात्र विरोधी सरकार होश में आओ” के नारे लगाए। सदन के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में एनडीए नेताओं ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने अथवा उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की निगरानी समिति से कराने की पुरजोर मांग की।
🥁 अनशनकारी छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो का छठा दिन, समर्थन में उतरा आदिवासी समाज
झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के आमरण अनशन का शुक्रवार को छठा दिन पूर्ण हो गया।
निरंतर गिरते स्वास्थ्य के बावजूद वे अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं। आंदोलन स्थल पर प्रतिदिन विभिन्न सामाजिक संगठन, कर्मचारी संघ और आम नागरिक पहुंचकर अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त कर रहे हैं। शुक्रवार को झारखंड के पारंपरिक आदिवासी समाज के प्रतिनिधि भी अपनी लोक संस्कृति, पारंपरिक वाद्ययंत्रों व गीतों के माध्यम से आंदोलन स्थल पहुंचे और युवाओं की मांगों का समर्थन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह संघर्ष किसी एक व्यक्ति का नहीं, अपितु संपूर्ण राज्य के लाखों प्रतियोगी युवाओं के भविष्य की रक्षा का संग्राम है।
💔 ‘नौकरी से बड़ा नुकसान व्यवस्था से भरोसा उठना है’: अनशन पर बैठी छात्रा सबिता कुमारी का छलका दर्द
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में दो महिला अभ्यर्थियों सहित कुल 6 प्रदर्शनकारी बीते कई दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर डटे हुए हैं।
अनशन पर बैठी छात्रा सबिता कुमारी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा— “शासन में बैठे लोग हमारे वैधानिक अधिकार छीन रहे हैं और युवाओं के भविष्य व नौकरियों को खुले बाजार में बेच रहे हैं।” वहीं, अस्पताल पहुंचाए गए छात्र राहुल क्रांति ने अस्वस्थ होने से पूर्व कहा था कि भर्ती परीक्षाओं में बार-बार होने वाली धांधली से सबसे बड़ा नुकसान किसी सरकारी नौकरी का नहीं, अपितु लोकतांत्रिक व्यवस्था और चयन प्रक्रियाओं पर से युवाओं का भरोसा पूरी तरह उठ जाना है।