किसान, छात्र और युवा एक साथ आ रहे है
राकेश टिकैत के साथ बातचीत हुई है
व्यापक जनांदोलन की तैयारी हो रही है
सरकार पर हर तरफ से दबाव डालेंगे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को अधिक व्यापक बनाने के उद्देश्य से अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार को दिल्ली में सीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत से मुलाकात की। इस बैठक का मुख्य ध्येय देश के किसानों, छात्रों और बेरोजगार युवाओं को एक साझा मंच पर लाकर सरकार के खिलाफ वृहद जन-आंदोलन खड़ा करना है।
मुलाकात के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रंका ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी पार्टी का लक्ष्य समाज के सभी पीड़ित वर्गों को एकजुट करना है। रंका ने अपनी बात रखते हुए कहा, हमें पूरी उम्मीद है कि देश के हमारे किसान भाई, छात्र और युवा मिलकर एक साझा शक्ति बनेंगे और नरेंद्र मोदी नीत सरकार को हर तरफ से घेरने का काम करेंगे।
उल्लेखनीय है कि नीट एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली और पेपर लीक के मुद्दों को लेकर सीजेपी ने हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर 36 दिनों तक लंबा आंदोलन चलाया था। इस आंदोलन के दबाव के बाद केंद्र सरकार के साथ कई दौर की वार्ता हुई और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था। इसके अतिरिक्त सरकार ने आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज प्राथमिकियां वापस ली जाएंगी।
हालांकि, सीजेपी का आरोप है कि सरकार ने अपने वादों को पूरी तरह से लागू नहीं किया है। बिहार, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में अभी भी छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हैं और उन्हें पुलिसिया कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सीजेपी नेताओं ने राकेश टिकैत से समर्थन मांगा है ताकि छात्रों पर दर्ज मामलों को अविलंब वापस करवाने हेतु सरकार पर दबाव बनाया जा सके।
किसान नेता राकेश टिकैत ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि जब तक देश के नौजवानों और अन्नदाताओं की समस्याओं का स्थाई समाधान नहीं होता, तब तक वे शांति से नहीं बैठेंगे। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए छात्र प्रदर्शनों के दौरान भी कई बार व्यक्तिगत रूप से पहुंचकर अपना समर्थन जताया था। यदि सरकार ने छात्रों पर दर्ज मुकदमे जल्द वापस नहीं लिए, तो सीजेपी और किसान संगठन मिलकर देशव्यापी आंदोलन की नई रूपरेखा तैयार करेंगे।