Sirsa News: हरियाणा में पारदर्शी हो रही हैं परीक्षाएं, सीएम सैनी ने विपक्ष पर साधा निशाना; दिए जांच के आदेश
सिरसा: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपने सिरसा दौरे के दौरान जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के आंदोलन को लेकर विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्षी दल छात्र आंदोलन को राजनीतिक रंग देकर युवाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है और किसी भी प्रकार की भ्रामक राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।
📝 पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार ने पिछले वर्षों में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया को पूरी प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में आयोजित नीट, कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) और अन्य सभी परीक्षाएं बेहद शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पारदर्शिता और चाक-चौबंद व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने व्यापक इंतजाम किए थे, जिसके सकारात्मक परिणाम आज सबके सामने हैं।
🛑 विपक्षी दलों पर साधा निशाना, बोले- जमीन खो चुके हैं नेता
जंतर-मंतर के छात्र आंदोलन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ राजनीतिक दल अपनी सियासी जमीन खो चुके हैं और अब छात्रों के बीच भ्रम फैलाकर राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं। उन्होंने ‘इंडी गठबंधन’ के नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें युवाओं की कोई चिंता नहीं है, वे केवल हर मुद्दे को राजनीति से जोड़कर माहौल खराब करना चाहते हैं।
📚 पड़ोसी राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस दौरान पंजाब की शिक्षा व्यवस्था पर भी तीखे सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य में शिक्षा का स्तर चिंताजनक है और वहां की सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। एक्साइज इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के परिणामों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। साथ ही, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि जो दल आज युवाओं के हितैषी होने का दावा करते हैं, उनके पुराने शासनकाल के रिकॉर्ड जनता के सामने हैं।
⚡ जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में दिखे मुख्यमंत्री के सख्त तेवर
सिरसा में आयोजित जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के तेवर बेहद सख्त नजर आए। विभिन्न विभागों के मामलों की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को दो टूक संदेश दिया कि जनता की शिकायतों के निस्तारण में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान HSIIDC से जुड़े एक मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने नीचे से लेकर ऊपर तक संलिप्त दोषियों के खिलाफ जांच और सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इसके अलावा हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों के कब्जे से जुड़े मामलों में भी अधिकारियों को बिना देरी किए पात्र लोगों को उनका हक देने के निर्देश दिए। भ्रष्टाचार के मामलों में सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को दोहराते हुए उन्होंने कई मामलों में विजिलेंस जांच के भी आदेश दिए हैं।