Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
क्या भारत में नागरिकों को हासिल है पूरी आजादी? जानिए संविधान प्रदत्त 11 अधिकारों के साथ जुड़ी अहम का... क्या NDA में होगा बड़ा विस्तार? परिसीमन और महिला आरक्षण बिल के बीच DMK, NCP और अकाली दल के साथ आने क... महाराष्ट्र के सांगली में बड़ा हादसा: रेणावी घाट में दो ST बसों की आमने-सामने भीषण टक्कर स्वतंत्रता दिवस 2026: दिल्ली मेट्रो की विशेष व्यवस्था, लाल किला और जामा मस्जिद के लिए सुबह 4 बजे से ... अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत परमहंस रामचंद्र दास के स्मृति समारोह में हुए शामिल 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्र के नाम संबोधन, देशवासि... PM मोदी और विदेश नीति पर टिप्पणी से गरमाई सियासत: राजनाथ सिंह और एकनाथ शिंदे ने राहुल गांधी को घेरा,... CJI सूर्य कांत विवाद के बाद सुर्खियों में NALSAR यूनिवर्सिटी, BCI ने वापस लिया निलंबन फैसला 4,200 करोड़ के लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे निर्माण में भ्रष्टाचार का आरोप, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब 15 अगस्त को देश मनाएगा 80वां स्वतंत्रता दिवस, लाल किले पर समारोह के दौरान मौसम पर टिकीं निगाहें

महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी मनरेगा योजना खत्म

ग्रामीण भारत के लिए अब वीबी जी राम जी

  • अब सवा सौ दिनों का रोजगार मिलेगा

  • ग्रामीण रोजगार सृजन पर ध्यान

  • एक भी मजदूर बेरोजगार ना रहे

राष्ट्रीय खबर

नईदिल्लीः आज, 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण अंचलों में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी राम जी अधिनियम प्रभावी हो गया है। यह नया कानून बीस साल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्थान लेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह ऐतिहासिक बदलाव ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

रोजगार की नई गारंटी नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के सुनिश्चित मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा को बढ़ाना और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण रोजगार सृजन को नई गति देना है। इस योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 95,692 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।

वीबी जी राम जी अधिनियम में मजदूरी के भुगतान को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो कानून में बेरोजगारी भत्ते का भी स्पष्ट प्रावधान है। यह ढांचा न केवल आजीविका को मजबूत करेगा, बल्कि टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सरकार की तैयारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना के कार्यान्वयन को लेकर कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर सभी प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौजूदा चल रहे काम बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे और नई प्रणाली में बदलाव पूरी तरह से सुचारू होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, ताकि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को साकार किया जा सके।