ग्रामीण भारत के लिए अब वीबी जी राम जी
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अब सवा सौ दिनों का रोजगार मिलेगा
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ग्रामीण रोजगार सृजन पर ध्यान
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एक भी मजदूर बेरोजगार ना रहे
राष्ट्रीय खबर
नईदिल्लीः आज, 1 जुलाई 2026 से पूरे देश के ग्रामीण अंचलों में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी जी राम जी अधिनियम प्रभावी हो गया है। यह नया कानून बीस साल पुरानी महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 का स्थान लेगा। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, यह ऐतिहासिक बदलाव ग्रामीण भारत को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
रोजगार की नई गारंटी नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 100 दिनों के बजाय 125 दिनों के सुनिश्चित मजदूरी रोजगार की गारंटी मिलेगी। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आय सुरक्षा को बढ़ाना और विकसित भारत 2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप ग्रामीण रोजगार सृजन को नई गति देना है। इस योजना के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 95,692 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है।
वीबी जी राम जी अधिनियम में मजदूरी के भुगतान को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। यदि निर्धारित समय के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो कानून में बेरोजगारी भत्ते का भी स्पष्ट प्रावधान है। यह ढांचा न केवल आजीविका को मजबूत करेगा, बल्कि टिकाऊ सामुदायिक संपत्तियों के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
सरकार की तैयारी केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस योजना के कार्यान्वयन को लेकर कहा कि सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र ग्रामीण श्रमिक एक भी दिन काम से वंचित न रहे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर सभी प्रशासनिक, वित्तीय और तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौजूदा चल रहे काम बिना किसी बाधा के जारी रहेंगे और नई प्रणाली में बदलाव पूरी तरह से सुचारू होगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाना है, ताकि 2047 तक भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य को साकार किया जा सके।