देशभर में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत के अलग-अलग राज्यों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भी मौसम ने करवट बदल ली है। दिल्ली में 30 जून और 1 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में 4 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ इलाकों में तेज़ बारिश भी हो सकती है। 30 जून को अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 1 से 3 जुलाई के बीच हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में कहीं-कहीं भारी बारिश के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज़ हवाएं चल सकती हैं।
🏔️ हिमाचल और उत्तराखंड में मानसून की दस्तक
उत्तराखंड में 1 और 2 जुलाई तथा हिमाचल प्रदेश में 2 और 3 जुलाई को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी 30 जून से 5 जुलाई के बीच बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना बनी रहेगी। राजस्थान में भी मानसून सक्रिय रहेगा; पूर्वी राजस्थान में तेज़ आंधी के साथ 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 2 से 5 जुलाई के दौरान धूल भरी आंधी की संभावना है।
🌦️ मध्य भारत में भारी वर्षा की चेतावनी
मध्य भारत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। 1 से 5 जुलाई तक इन क्षेत्रों में भारी वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से मध्य प्रदेश में 2 से 4 जुलाई और विदर्भ में 3 से 4 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और तेज़ हवाएं चलने की भी चेतावनी दी गई है।
⛈️ बिहार-झारखंड और पूर्वोत्तर भारत का हाल
झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 30 जून को भारी बारिश का अनुमान है, जबकि बिहार में 2 से 5 जुलाई के बीच बारिश के साथ तेज़ हवाएं चल सकती हैं। पूर्वोत्तर भारत में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में मानसून सक्रिय रहेगा। 2 जुलाई तक अधिकांश राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। प्रशासन ने लोगों को गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।