Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
EVM में टोटलाइजर से क्यों नहीं हो सकती वोटों की गिनती?: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और चुनाव आयोग से मां... किशनगंज: खकवा नदी के तेज बहाव में तैरकर जनाजा ले जाने की मजबूरी, ग्रामीणों ने डीएम और बिहार सरकार से... शिवपुरी में रहस्यमयी बीमारी का कहर: 10 दिनों में एक ही परिवार के 4 बच्चों की मौत, डेंगू-मलेरिया निगे... भारतीय मुसलमानों के अधिकारों के लिए 51 सदस्यीय राष्ट्रीय निगरानी समिति का गठन: नई दिल्ली में ऐलान अफगानिस्तान टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान: श्रेयस अय्यर बने कप्तान, युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी... 'सैयारा' फेम अनीत पड्डा की नई सीरीज 'हुंकार: द रोर' का टीजर रिलीज: जानें कहानी, स्टार कास्ट और OTT र... नेपाल में 180 km/h की रफ्तार से आई 'हिमालयी सुनामी': रसुवा-धाडिंग में भारी तबाही, सुरंगों में बचाव क... LIC के दो नए धमाकेदार प्लान: गारंटीड सेविंग्स के साथ मिलेगा प्योर लाइफ कवर, 7 सितंबर से शुरू होगी बि... UPI का नया रिकॉर्ड: अगस्त में ₹29.82 लाख करोड़ का लेनदेन, कुल 2,451 करोड़ ट्रांजेक्शन दर्ज; NPCI ने ... श्रीकृष्ण के सबसे प्रिय भोग माखन-मिश्री और पंचामृत की विधि; जानें मलाई से शुद्ध माखन बनाने का आसान न...

बारह फीट लंबे कोबरा को सुरक्षित जंगल में छोड़ा

गंजाम के चिकिटी पेंट इलाके में विशाल सांप से दहशत

राष्ट्रीय खबर

भुवनेश्वरः ओडिशा में हाल के दिनों में सांपों के रिहायशी इलाकों में आने की कई घटनाएं सामने आई हैं, जहां प्रशासन और पर्यावरण प्रेमियों की तत्परता से सांपों और इंसानों दोनों की जान बचाई गई है। गंजाम जिले के चिकिटी पेंट इलाके में गुरुवार सुबह करीब 12 फीट लंबा एक विशाल किंग कोबरा देखा गया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। यह सांप यूनियन बैंक के पास मुख्य सड़क पर पहुंच गया था। स्थानीय निवासियों ने समय रहते स्नेक हेल्पलाइन को सूचित किया, जिसके बाद टीम ने वन विभाग के सहयोग से एक बेहद चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन चलाया और सांप को सुरक्षित पकड़ लिया। इसे बाद में केरांडीमल जंगल में उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।

वहीं दूसरी ओर, केंद्रपाड़ा जिले में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान के पास बसे गांवों में भी सांपों के घुसने की दो अलग-अलग घटनाएं दर्ज की गई हैं। खमरासाही गांव में एक घर के पिछवाड़े में पांच फीट लंबा मोनोक्ल्ड कोबरा मिला, जबकि रिघागाड़ा गांव से एक नौ फीट लंबा अजगर पकड़ा गया। इन दोनों ही मामलों में ग्रामीणों ने समझदारी दिखाते हुए स्वयं सांपों को पकड़ने के बजाय तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। वन अधिकारियों ने दोनों सरीसृपों को पकड़कर भितरकनिका के मैंग्रोव जंगलों में सुरक्षित मुक्त कर दिया।

वन अधिकारियों ने बताया कि भितरकनिका का समृद्ध मैंग्रोव पारिस्थितिकी तंत्र लगभग 3,000 से अधिक सांपों (कोबरा और अजगर समेत) का घर है। अक्सर मानसून या भोजन की तलाश में ये सांप आबादी वाले इलाकों की ओर भटक जाते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये जीव आमतौर पर तब तक हमला नहीं करते जब तक उन्हें खतरा महसूस न हो। उन्होंने लोगों से अपील की है कि सांप दिखने पर घबराने के बजाय विशेषज्ञों की मदद लें, ताकि पारिस्थितिकी तंत्र का संतुलन बना रहे और वन्यजीवों को नुकसान न पहुंचे। इन रेस्क्यू अभियानों में किसी भी व्यक्ति या जीव को कोई चोट नहीं आई, जो स्थानीय समुदाय के जागरूक व्यवहार का परिणाम है।