Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
CM Yogi in Amroha: 'पहले हर जिले में होते थे दंगे', अमरोहा में गरजे सीएम योगी, सैफई सिंडिकेट पर साधा... Sonam Wangchuk Protest: वांगचुक पर पुलिस एक्शन से भड़के अशोक गहलोत, कहा- 'शांतिपूर्ण विरोध का गला घो... US-Iran Conflict: ईरान का सबसे बड़ा दांव, बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट बंद हुआ तो दुनिया में मचेगा हाहाकार Amit Shah in Bengal: अमित शाह ने सिलीगुड़ी में की सीमा सुरक्षा की समीक्षा, 'चिकन नेक' पर अहम बैठक सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने पर बवाल: कांग्रेस ने कार्रवाई को बताया 'लोकतंत्र पर काला धब्बा' Football Match Screening in Delhi: फुटबॉल फैंस को दिल्ली सरकार का बड़ा तोहफा, सुबह 4 बजे तक खुलेंगे ... Akhilesh Yadav on Yogi: 'घुटनों के बल चढ़कर मांगें माफी', हनुमानगढ़ी विवाद पर अखिलेश यादव ने सीएम यो... Datia Bypoll: 'दूल्हा पीछे आ रहा है...', दतिया उपचुनाव में दिखा नरोत्तम मिश्रा का अलग अंदाज, BJP प्र... Sonam Wangchuk Protest: वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाने पर भड़के राहुल गांधी, कहा- सरकार का आधार 'असत्... Skyroot Aerospace Vikram 1: भारत के पहले प्राइवेट रॉकेट 'विक्रम-I' ने रचा इतिहास, जानें पवन चंदाना क...

Chhattisgarh Diamond News: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी में अब होगी बड़े पैमाने पर ड्रिलिंग; हीरा खदान की ओर बढ़े कदम

महासमुंद: छत्तीसगढ़ अब देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल होने की ओर तेजी से अग्रसर है। महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद, अब खनिज विभाग ने यहाँ ‘लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग’ (Large Diameter Drilling) को मंजूरी दे दी है। एनएमडीसी सीएमडीसी लिमिटेड (NCL) की नई दिल्ली में हुई बैठक में इस महत्वपूर्ण परियोजना को हरी झंडी दे दी गई है।

📊 क्या है भविष्य की योजना?

निदेशक मंडल ने बैठक में निर्देश दिए हैं कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर तकनीकी कार्य पूरी पारदर्शिता और समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएं। बड़े व्यास की ड्रिलिंग के माध्यम से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरों के वास्तविक भंडार का सटीक वैज्ञानिक आकलन किया जाएगा। इसी डेटा के आधार पर विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) तैयार होगी, जो व्यावसायिक हीरा खदान स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी।

🔍 वैज्ञानिक प्रमाण और हीरों की प्राप्ति

क्षेत्र में हीरों की मौजूदगी केवल अटकलें नहीं, बल्कि वैज्ञानिक रूप से सिद्ध हो चुकी है। एनसीएल द्वारा किए गए स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग और भू-भौतिकीय सर्वेक्षण के बाद, लगभग 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया था। इस प्रक्रिया में 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे प्राप्त हुए, जिसने इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि कर दी है।

📈 छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर

छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है। यह परियोजना न केवल छत्तीसगढ़ को नई पहचान दिलाएगी, बल्कि देश के हीरा उत्पादन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

⚙️ अन्य खनिज परियोजनाओं पर भी नजर

बैठक में केवल हीरे की परियोजना ही नहीं, बल्कि राज्य की अन्य महत्वपूर्ण लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। बैलाडीला डिपॉजिट-4 में इस वित्तीय वर्ष में 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे भविष्य में चरणबद्ध तरीके से 70 लाख टन प्रतिवर्ष तक ले जाया जाएगा। साथ ही, डिपॉजिट-13 को भी एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में तेजी से कार्य चल रहा है।