Amit Shah on Drugs: नार्को-आतंकवाद पर बड़ा प्रहार; 6,000 करोड़ की ड्रग्स नष्ट करने का लक्ष्य, NCB के नए जोनल ऑफिस का उद्घाटन
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश को नशामुक्त बनाने के लिए अपनी रणनीतियों को और अधिक आक्रामक बना दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नार्को-कोऑर्डिनेशन सेंटर (NCORD) की 10वीं शीर्ष-स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए ‘मादक पदार्थ नियंत्रण पर विजन डॉक्यूमेंट 2026-2029’ का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रग्स के पूरे नेटवर्क को अगले तीन वर्षों में इस तरह समाप्त किया जाएगा कि वह दोबारा खड़ा न हो सके।
⚔️ नई रणनीति के तीन मुख्य आधार
गृह मंत्री ने नार्को-आतंकवाद के बढ़ते खतरे को देखते हुए ‘Detect, Disrupt and Destroy’ की नई रणनीति का ऐलान किया है:
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Detect (पहचान): तकनीकी और मानव खुफिया तंत्र के जरिए ड्रग कार्टेल्स की सटीक पहचान करना।
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Disrupt (अवरोध): तस्करों के वित्तीय नेटवर्क, हवाला, क्रिप्टो ट्रांजैक्शन और सप्लाई चेन को पूरी तरह से बाधित करना।
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Destroy (समूल विनाश): ड्रग माफियाओं के किंगपिन को सख्त सजा देना और अवैध खेती व फैक्ट्रियों का सफाया करना।
📋 2026-2029 का चार-स्तंभी रोडमैप
सरकार ने अपने नए विजन डॉक्यूमेंट को चार प्रमुख स्तंभों पर तैयार किया है:
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एनफोर्समेंट, इंटेलिजेंस और ऑपरेशनल क्षमता को सुदृढ़ करना।
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सिंथेटिक ड्रग्स के उत्पादन पर पूर्ण प्रतिबंध।
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डिमांड रिडक्शन और रिहैबिलिटेशन के जरिए जागरूकता।
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कैपेसिटी बिल्डिंग और जांच एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय।
🚨 ड्रग माफियाओं पर बढ़ेगा शिकंजा
गृह मंत्री ने सभी राज्यों के डीजीपी को निर्देश दिए हैं कि एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को और अधिक संसाधनयुक्त और जवाबदेह बनाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े NDPS मामलों में ED के माध्यम से वित्तीय जांच अनिवार्य होगी ताकि अपराधियों की अवैध संपत्ति को जब्त किया जा सके। इसके साथ ही, विदेशों में छिपे ड्रग माफियाओं के खिलाफ सीबीआई के जरिए ‘रेड कॉर्नर नोटिस’ और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।
📊 2014-2026: एक दशक की बड़ी उपलब्धियां
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के परिणाम स्वरूप पिछले वर्षों में उल्लेखनीय सफलता मिली है:
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लगभग 1.18 करोड़ किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए (कीमत ~1.84 लाख करोड़ रुपये)।
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42.47 लाख किलोग्राम ड्रग्स को नष्ट किया गया।
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8.75 लाख से अधिक NDPS मामले दर्ज किए गए और 10.97 लाख लोगों की गिरफ्तारी हुई।