Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पिछले सत्तर वर्षों की मेहनत के बाद विश्व धरोहर निकला, देखें वीडियो अयोध्या ही भाजपा की लंका बन जाएगीः अखिलेश यादव गिरफ्तारी और इस्तीफा के बाद भी ट्रस्ट की पूरी चुप्पी पीछे हटने को कतई तैयार नहीं है जेन जेड वाले तेलचट्टे नागरिकता नहीं तो पासपोर्ट आखिर क्या हैः थरूर यह कहां आ गये हैं यूंही साथ चलते चलते.. .. .. Gulmarg Accident: बारामूला में शेल फटने से बड़ा हादसा; मृतक की पहचान हुई, प्रशासन ने झूठी खबरों के खि... PM Modi Seychelles Visit: सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी; हिंद महासागर में भारत की बढ़ेगी र... Delhi BJP Organization: दिल्ली भाजपा ने 11 संगठनात्मक जिलों की नई टीम घोषित की; 33% महिलाओं को मिला ... Delhi Police Controversy: आदर्श नगर में पुलिस सब-इंस्पेक्टर पर महिलाओं को थप्पड़ मारने का आरोप; CCTV...

Rahul Gandhi as LoP: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी के दो साल पूरे; सोशल मीडिया पर दोहराया संकल्प

नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में राहुल गांधी ने अपने दो साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। 26 जून 2024 को रायबरेली के सांसद राहुल गांधी ने यह जिम्मेदारी संभाली थी। एक दशक (2014-2024) तक लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का पद खाली रहने के बाद, 2024 के आम चुनावों में कांग्रेस द्वारा 10% सीटों का आंकड़ा पार करने के बाद राहुल गांधी की नियुक्ति इस महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर हुई थी।

🛡️ राहुल गांधी का संकल्प: हर लड़ाई में साथ

इस अवसर पर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा, “इन दो सालों का हर दिन एक ही काम रहा—हर भारतीय की आवाज को सत्ता तक पहुंचाना।” उन्होंने NEET छात्रों के मुद्दे, संविधान की रक्षा और वोटिंग संबंधी चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि सड़क से संसद तक जनता का भरोसा ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। राहुल ने अपने संकल्प को दोहराते हुए कहा, “सफर लंबा है, पर संकल्प वही—आपके लिए हर लड़ाई लड़ता रहूंगा।”

🏛️ संवैधानिक महत्व और पद की गरिमा

‘संसद में विपक्ष के नेता की सैलरी और अलाउंस एक्ट, 1977’ के तहत नेता प्रतिपक्ष को कानूनी मान्यता प्राप्त है। इस पद पर आसीन व्यक्ति कैबिनेट मंत्री के समकक्ष वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं का हकदार होता है। राहुल गांधी के कार्यकाल के दौरान संसद की कार्यवाही में विपक्ष की भूमिका अधिक मुखर रही है और वे लगातार विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरते नजर आए हैं।

📈 चुनावी सफर का एक पड़ाव

राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनावों में रायबरेली और वायनाड दोनों सीटों से जीत दर्ज की थी, जिसके बाद उन्होंने रायबरेली को बरकरार रखते हुए वायनाड सीट छोड़ने का निर्णय लिया। उनकी बहन प्रियंका गांधी ने बाद में वायनाड उपचुनाव में जीत हासिल कर सक्रिय राजनीति में कदम रखा।