Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Chhattisgarh Ganja Smuggling: गांजा तस्कर की 2.32 करोड़ की संपत्ति कुर्क; रायपुर पुलिस की बड़ी कार्रवा... Triple Theft in Bhilai: कातुल बोर्ड इलाके में दहशत; CCTV का DVR भी उड़ा ले गए चोर, पुलिस की कार्यप्रण... Bhilai Steel Plant News: भारतीय नौसेना के युद्धपोतों को भिलाई स्टील का 'कवच'; 5,700 टन विशेष स्टील क... Dhamtari Education News: पाठ्यपुस्तकों की कमी पर निजी स्कूलों का प्रदर्शन; कलेक्ट्रेट का किया घेराव Koriya School Inspection: कलेक्टर रोक्तिमा यादव ने स्कूलों में बच्चों का बढ़ाया हौसला; 26 का पहाड़ा सु... School Books Distribution Delay: जांजगीर में अशासकीय विद्यालय संचालक संघ की मांग; मुख्यमंत्री को सौं... भविष्य में शायद घुटना प्रत्यारोपण का मसला भी टल जाएगा, देखें वीडियो Chhattisgarh Education News: निजी स्कूलों ने पाठ्य पुस्तक निगम की लापरवाही पर खोला मोर्चा; समय पर को... Kanker Health News: स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया बीएमओ कार्यालय का घेराव; एकतरफा निलंबन के खिलाफ जो... Mitanin Sangh Protest Chhattisgarh: मितानिनों ने खोला मोर्चा; मानदेय वृद्धि और संविलियन की मांग को ल...

Sindri IT Hub: कोयला राजधानी को आईटी हब बनाने की कवायद; क्या सिंदरी STPI युवाओं को दे पाएगा रोजगार?

धनबाद: डिजिटल इंडिया के दौर में जहां छोटे शहरों में आईटी हब बनने का सपना देखा जा रहा है, वहीं झारखंड के धनबाद जिले के सिंदरी में बना ‘सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया’ (STPI) अपने अस्तित्व को सार्थक करने के लिए संघर्ष कर रहा है। करीब 18 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बना यह पार्क आधुनिक सुविधाओं से तो लैस है, लेकिन कंपनियों के अभाव में इसके विशाल हॉल आज भी खाली पड़े हैं।

📉 कंपनियों का टोटा और लोकेशन की चुनौती

तीन साल पहले शुरू हुए इस पार्क में शुरुआत में 5 कंपनियां आईं, जिनमें से 2 छोड़कर चली गईं। फिलहाल यहां केवल 3 कंपनियां ही कार्यरत हैं। जानकारों और आईटी छात्रों का मानना है कि सिंदरी की लोकेशन मुख्य शहर से काफी दूर होना इसकी सबसे बड़ी चुनौती है। इसके अलावा, इसका व्यापक प्रचार-प्रसार न होना भी कंपनियों को आकर्षित करने में बाधा बन रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को आज भी रोजगार के लिए बेंगलुरु या पुणे की ओर रुख करना पड़ रहा है।

🗣️ प्रशासन और प्रबंधन का पक्ष

STPI सिंदरी के ऑफिसर-इन-चार्ज दीपक कुमार का कहना है कि नई कंपनियों से संपर्क साधा जा रहा है। वहीं, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन ने स्पष्ट किया कि STPI भारत सरकार की संस्था है, भवन राज्य सरकार ने उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय उद्यमी यहां आईटी कारोबार शुरू करना चाहते हैं, तो उन्हें जिला प्रशासन द्वारा प्राथमिकता दी जाएगी ताकि पार्क पूरी क्षमता से चल सके।

🚀 आईटी हब बनने की राह में उम्मीद की किरण

सिंदरी STPI केवल एक कंक्रीट का भवन नहीं, बल्कि झारखंड के आईटी भविष्य की धुरी है। धनबाद में आईआईटी (ISM) और बीआईटी सिंदरी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से हर साल हजारों तकनीकी छात्र निकलते हैं। यदि इस पार्क में कंपनियों का इकोसिस्टम विकसित होता है, तो धनबाद जल्द ही कोयले की राजधानी के साथ-साथ एक टेक्नोलॉजी हब के रूप में अपनी पहचान बना सकता है।