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राम मंदिर दान की चोरी विवाद में अब विहिप का बयान

त्वरित जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान जारी किया

  • सात जून से चर्चा में आया है मुद्दा

  • एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी विवाद के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को विशेष जांच दल द्वारा अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद, विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वीएचपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक बयान में जांच प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इस अनुषंगी संगठन ने मांग की है कि एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट इस मामले की दैनिक आधार पर सुनवाई करे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यह विवाद 7 जून को सामने आया था, जिसने व्यापक चिंता पैदा कर दी थी। इसी के चलते राज्य सरकार ने मामले की जांच करने और 15 दिनों के भीतर अपनी निष्कर्ष रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट के भीतर संरचनात्मक सुधारों और मंदिर प्रशासन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की नियुक्ति की सिफारिश की है। हालांकि, यूपी सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट का कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर वीएचपी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राम मंदिर की पवित्रता और भक्तों की आस्था सर्वोपरि है। संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर प्रबंधन और दान के मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। राज्य सरकार अब एसआईटी की सिफारिशों का अध्ययन कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।