Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
OTT Censorship: 'सतलुज' विवाद के बाद सख्त हुई सरकार, OTT फिल्मों के लिए CBFC सर्टिफिकेट होगा अनिवार्... ISRO Brain Drain: इसरो में मची खलबली, 100 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने दिया इस्तीफा, सरकार ने सख्त किए न... Datia By-Election: दतिया में गरजे नरोत्तम मिश्रा, प्रशासन को दी चेतावनी, बोले- 'किसी में हिम्मत नहीं... Datia By-Election: 'नरोत्तम मिश्रा बड़ी चुनौती थे, आशुतोष तिवारी कुछ नहीं', कांग्रेस प्रत्याशी घनश्य... Haldiram in London: लंदन के लीसेस्टर स्क्वायर में खुला हल्दीराम का पहला स्टोर, छोले-भटूरे खाने उमड़ी... Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर के घर छापा, 100 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा Telangana ACB Raid: HMDA के चीफ इंजीनियर बी. रविंदर गिरफ्तार, 9.24 करोड़ की बेहिसाब संपत्ति जब्त Delhi Education Hub: दिल्ली को शिक्षा का बड़ा हब बनाने की तैयारी, CM रेखा गुप्ता ने DU के छात्रों को... Datia By-Election: जीतू पटवारी का बड़ा दावा- 'दतिया उपचुनाव 25 हजार वोटों से जीतेगी कांग्रेस' Shirdi Sai Baba Prasad: शिरडी में 700 किलो मिलावटी पेड़ा जब्त, FDA ने मारा छापा

राम मंदिर दान की चोरी विवाद में अब विहिप का बयान

त्वरित जांच और फास्ट ट्रैक कोर्ट की मांग

  • राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बयान जारी किया

  • सात जून से चर्चा में आया है मुद्दा

  • एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर दान चोरी विवाद के संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार को विशेष जांच दल द्वारा अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपे जाने के एक दिन बाद, विश्व हिंदू परिषद ने इस मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। वीएचपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने एक बयान में जांच प्रक्रिया में तेजी लाने का आह्वान किया। इसके अतिरिक्त, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इस अनुषंगी संगठन ने मांग की है कि एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट इस मामले की दैनिक आधार पर सुनवाई करे और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

यह विवाद 7 जून को सामने आया था, जिसने व्यापक चिंता पैदा कर दी थी। इसी के चलते राज्य सरकार ने मामले की जांच करने और 15 दिनों के भीतर अपनी निष्कर्ष रिपोर्ट सौंपने के लिए तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था।

योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली यूपी सरकार द्वारा गठित एसआईटी ने मंगलवार को अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंप दी।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने मंदिर ट्रस्ट के भीतर संरचनात्मक सुधारों और मंदिर प्रशासन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी की नियुक्ति की सिफारिश की है। हालांकि, यूपी सरकार ने अभी तक इस रिपोर्ट का कोई आधिकारिक विवरण सार्वजनिक नहीं किया है।

इस पूरे घटनाक्रम पर वीएचपी ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि राम मंदिर की पवित्रता और भक्तों की आस्था सर्वोपरि है। संगठन ने इस बात पर जोर दिया कि मंदिर प्रबंधन और दान के मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना अनिवार्य है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। राज्य सरकार अब एसआईटी की सिफारिशों का अध्ययन कर रही है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही मामले में अगला कदम उठाया जाएगा।