Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
हाईड्रोजन टरबाइन से बिजली का उत्पादन किया वार्ता के दौरान ही इजरायल का लेबनान पर हमला डैन्यूब नदी का पानी घटने पर हंगरी के सामने ऊर्जा संकट राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण में आतंकी हमला हो सकता है केंद्रीय मंत्री नड्डा ने कहा हालात सामान्य होने में वक्त लगेगा जबलपुर: मुंह के कैंसर ऑपरेशन में भारी चूक! गाल के अंदर डॉक्टर ने लगाई ठुड्डी की स्किन, पीड़ित ने लगा... राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रम को झटका आसाराम की अंतरिम जमानत सुप्रीम कोर्ट में रद्द सदन में बयान दें और माफी मांगे अमित शाहः खडगे हैदराबाद से पैदल चलने के तनाव में बेकाबू हुआ था हाथी! इंदौर पुलिस की कार्रवाई, महावत गिरफ्तार

Chhattisgarh Electricity Protest: बालोद में बिजली दरों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन; पूर्व विधायक अरुण वोरा ने स्मार्ट मीटर को बताया ‘लूट का जरिया’

बालोद: छत्तीसगढ़ में बिजली की दरों में लगातार हो रही बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटरों की विसंगतियों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बालोद में पूर्व विधायक अरुण वोरा और विधायक संगीता सिन्हा ने संयुक्त रूप से प्रेस वार्ता कर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली को ‘आर्थिक अत्याचार’ करार दिया है।

📊 पांचवीं बार बढ़ी दरें: अन्नदाता और आम जनता परेशान

अरुण वोरा ने बताया कि भाजपा सरकार बनने के बाद यह पांचवीं बार है जब बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं। इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, कमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है। साथ ही, 12% विद्युत ईंधन अधिभार (FPPA) ने जनता की कमर तोड़ दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में जहां ‘बिजली बिल हाफ’ योजना से राहत थी, वहीं वर्तमान में जनता अनाप-शनाप बिलों से जूझ रही है।

🧐 स्मार्ट मीटर का खेल और मनमानी

कांग्रेस नेताओं ने स्मार्ट मीटर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये मीटर वास्तविक खपत से कहीं अधिक तेजी से भाग रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि विभाग बिना उपभोक्ता की सहमति के उनका ‘सेंक्शंड लोड’ बढ़ा रहा है और फिर एग्रीमेंट से अधिक खपत बताकर भारी पेनल्टी लगा रहा है। साथ ही, ऑनलाइन और ऑफलाइन बिलों के बीच का अंतर उपभोक्ताओं को भ्रमित कर रहा है।

💡 उत्तर प्रदेश की तर्ज पर मांग

पूर्व विधायक अरुण वोरा ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार जनता के दबाव में स्मार्ट मीटर वापस लेने का फैसला कर सकती है, तो छत्तीसगढ़ सरकार अपनी जिद क्यों नहीं छोड़ रही? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने तत्काल प्रभाव से बढ़ी हुई दरें वापस नहीं लीं और स्मार्ट मीटर की मनमानी नहीं रोकी, तो कांग्रेस पार्टी जनता के हक के लिए उग्र आंदोलन शुरू करेगी।