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Chhattisgarh Electricity Price Hike: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में बढ़ोतरी पर सियासत तेज; कांग्रेस ने साय सरकार को घेरा

राजनांदगांव/महासमुंद/जीपीएम: छत्तीसगढ़ में बिजली दरों में हुई हालिया बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश भर में कांग्रेस आक्रामक हो गई है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि बीजेपी सरकार बनने के बाद से लगातार पांचवीं बार बिजली के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया है।

📊 बढ़ी हुई दरें और उपभोक्ताओं का दर्द

कांग्रेस नेताओं के अनुसार, इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 30 से 50 पैसे, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे और कृषि पंपों की बिजली दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इसे जनता पर अनावश्यक आर्थिक बोझ करार दिया है।

⚖️ कांग्रेस ने की ‘बिजली बिल हाफ’ योजना की याद

कांग्रेस नेता राजेंद्र तिवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार (FPPA) लागू कर पहले ही भार डाल रखा है। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि तब 5 वर्षों में केवल 2 पैसे की वृद्धि हुई थी और ‘बिजली बिल हाफ’ योजना से लोगों को राहत दी गई थी। वर्तमान में उपभोक्ताओं को सामान्य से तीन से चार गुना अधिक बिल मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

🔍 स्मार्ट मीटर और लोड बढ़ाने की शिकायतें

विरोध प्रदर्शनों के दौरान स्मार्ट मीटरों में खराबी और वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज होने की शिकायतें प्रमुखता से उठाई गई हैं। यह भी आरोप है कि बिजली विभाग उपभोक्ताओं की सहमति के बिना ही उनका ‘कनेक्शन अनुबंध भार’ (लोड) बढ़ा रहा है, जिससे लोग परेशान हैं।

🗣️ सरकार से तत्काल राहत की मांग

जीपीएम, राजनांदगांव और महासमुंद सहित प्रदेश के कई जिलों में कांग्रेस ने प्रेस वार्ता कर बढ़ी हुई दरों को तत्काल वापस लेने और बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार जनता को राहत देने के बजाय उन पर अतिरिक्त आर्थिक दंड डाल रही है।