सर्वे अधिकारी के पास 13 करोड़ रुपये की संपत्ति
राष्ट्रीय खबर
हैदराबाद: तेलंगाना के भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने मंगलवार, 16 जून को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भूमि सर्वेक्षण विभाग के एक सर्वे अधिकारी के ठिकानों पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में सर्वे और भूमि रिकॉर्ड विभाग के उप निदेशक (मल्टी ज़ोन-2) सुनकारी नरहरि राव के पास से उनकी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक 13.05 करोड़ रुपये की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। एसीबी के अनुसार, अधिकारी ने अपनी सेवा के दौरान भ्रष्ट तरीकों और अनुचित साधनों का उपयोग करके यह अकूत धन-संपत्ति अर्जित की है।
एसीबी की टीमों ने सुनकारी नरहरि राव से जुड़े राज्य भर के 10 अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान जांचकर्ताओं को संपत्तियों के दस्तावेजों का अंबार मिला, जिनमें रंगा रेड्डी जिले में पांच खुले प्लॉट, महेश्वरम में 1.24 एकड़ कृषि भूमि और पुप्पलगुडा, नरसिंगी तथा राजेंद्रनगर की ऊंची इमारतों में कई आलीशान फ्लैट शामिल हैं। इसके अलावा, गचीबोवली की टीएनजीओ कॉलोनी में एक जी प्लस 3 इमारत और छत्रिनाका में एक जी प्लास 2 आवासीय इमारत का भी पता चला है। अधिकारियों का मानना है कि इन अचल संपत्तियों का वास्तविक बाजार मूल्य दस्तावेजों में दिखाए गए मूल्य से कई गुना अधिक है।
अवैध धन का ब्यौरा देते हुए एसीबी ने बताया कि छापेमारी के दौरान 1.54 करोड़ रुपये की नकद राशि बरामद हुई है। साथ ही, बैंक खातों में 2.29 करोड़ रुपये और 5.04 करोड़ रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट का पता चला है। अधिकारी के घर से 1.3 किलोग्राम सोना और आठ किलोग्राम चांदी के आभूषण भी मिले हैं। अधिकारी की पत्नी के नाम पर दो बैंक लॉकर भी मिले हैं, जिन्हें जांच के दौरान बाद में खोला जाएगा। इसके अलावा, एक नई किया कारेंस कार भी जब्त की गई है।
एसीबी ने इस मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और आरोपी अधिकारी को न्यायिक हिरासत के लिए नामपल्ली स्थित एसीबी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा। यह छापेमारी तेलंगाना में सरकारी अधिकारियों के बीच व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की सख्त नीति का हिस्सा मानी जा रही है। एसीबी के अधिकारी अब इस बात की विस्तृत जांच कर रहे हैं कि इतने कम समय में एक सरकारी अधिकारी ने इतनी भारी संपत्ति कैसे जमा की और इस खेल में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।