Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Sheopur Land Dispute: श्योपुर में मंदिर की दान दी गई जमीन पर दबंगों का कब्जा; स्थानीय निवासियों ने प... Neymar News: ब्राजील के स्टार फुटबॉलर नेमार 5वीं बार बनने जा रहे हैं पिता; गर्लफ्रेंड ब्रुना ने वीडि... Govinda Hair Patch News: सुनीता आहूजा ने बताया GOAT का गलत मतलब; ट्रोलिंग के बाद अब गोविंदा को लेकर ... Iran-US Nuclear Deal: परमाणु समझौते से पहले ईरान को मिले 9 अरब डॉलर; अमेरिका की देखरेख में हुई पूरी ... PPF Account Rules: क्या आपके पास एक से अधिक पीपीएफ खाते हैं? हो सकता है बड़ा नुकसान, जानें सही नियम WhatsApp New Feature: व्हाट्सएप में जल्द आएगा 'View Once' टेक्स्ट मैसेज फीचर; एक बार पढ़ते ही गायब हो... Vastu Tips for Home: घर के आंगन में भूलकर भी न रखें ये 4 चीजें; वास्तु दोष से बढ़ सकती हैं मुश्किलें Monsoon Skincare Tips: मॉनसून में ऑयली स्किन का रखें खास ख्याल; पिंपल्स और चिपचिपाहट से बचने के आसान... Supreme Court on Aadhaar: आधार का इस्तेमाल नागरिकता या पते के प्रमाण के रूप में नहीं; सुप्रीम कोर्ट ... Bhagalpur Crime News: पुलिस बनी लुटेरी; ट्रक चालक को हनी ट्रैप में फंसाकर वसूले 18 हजार, ट्रेनी दारो...

Monsoon Skincare Tips: मॉनसून में ऑयली स्किन का रखें खास ख्याल; पिंपल्स और चिपचिपाहट से बचने के आसान उपाय

नई दिल्ली: मॉनसून का सुहावना मौसम अपने साथ स्किन से जुड़ी कई चुनौतियां भी लाता है। विशेष रूप से उन लोगों के लिए जिनकी स्किन ऑयली है, यह मौसम दोगुना नुकसानदेह साबित हो सकता है। मैक्स हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट डॉ. दिपाली भारद्वाज के अनुसार, बारिश के दौरान बढ़ती नमी (Humidity) के कारण स्किन में सीबम का प्रोडक्शन काफी बढ़ जाता है, जिससे पोर्स बंद होने और पिंपल्स (Acne) की समस्या आम हो जाती है।

🧴 स्किन ऑयली क्यों हो जाती है?

स्किन में एक्स्ट्रा ऑयल बनने के पीछे सेबेशियस ग्लैंड्स (Sebaceous Glands) की भूमिका अहम होती है। जब इन ग्लैंड्स की कार्यक्षमता बिगड़ती है, तो शरीर जरूरत से ज्यादा सीबम बनाने लगता है। यह ऑयल हवा में मौजूद धूल-मिट्टी और प्रदूषण के साथ मिलकर त्वचा के रोमछिद्रों (Pores) को बंद कर देता है, जिससे कील-मुंहासे और अंततः डार्क स्पॉट्स की समस्या जन्म लेती है।

⚠️ मॉनसून में ऑयली स्किन को खतरा क्यों?

  • ह्यूमिडिटी का बढ़ना: हवा में अधिक नमी चिपचिपाहट पैदा करती है, जिससे स्किन को सांस लेने में कठिनाई होती है।

  • सेबेशियस ग्लैंड्स की सक्रियता: गर्म और नम मौसम में ये ग्रंथियां अधिक सक्रिय हो जाती हैं, जिससे एक्स्ट्रा ऑयल का निर्माण होता है।

  • पसीना और गंदगी का मेल: पसीना और एक्स्ट्रा ऑयल मिलकर बैक्टीरिया के पनपने का आदर्श माहौल बनाते हैं, जिससे पिंपल्स का खतरा बढ़ जाता है।

  • माइक्रोबियम असंतुलन: एक्स्ट्रा ऑयल और नमी के कारण त्वचा पर मौजूद अच्छे बैक्टीरिया और यीस्ट का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे फंगल इंफेक्शन का डर भी रहता है।

🌿 मानसून में स्किन केयर के घरेलू उपाय

महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट्स के बजाय आप अपनी रसोई में मौजूद प्राकृतिक चीजों का सहारा ले सकते हैं:

  • दालचीनी और हल्दी: इनके एंटी-बैक्टीरियल गुण पिंपल्स को कम करने में मदद करते हैं।

  • नींबू का रस: यह अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने में सहायक है, लेकिन इसे सेंसिटिव स्किन पर सावधानी से इस्तेमाल करें।

  • नियमित सफाई: दिन में दो बार माइल्ड क्लींजर का उपयोग करें ताकि पोर्स बंद न हों।