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Ram Mandir Land Scam: चंपत राय पर लगा जमीन खरीद में भ्रष्टाचार का आरोप; संजय सिंह और अखिलेश यादव ने घेरा

अयोध्या: अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए एकत्रित चंदे और जमीन खरीद के मामले में राजनीतिक गहमागहमी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर जमीन की खरीद-फरोख्त में बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। संजय सिंह का दावा है कि मंदिर के नाम पर मिले दान का गलत इस्तेमाल किया गया है।

💰 “2 करोड़ की जमीन 24 करोड़ में खरीदी”

संजय सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि ट्रस्ट ने अयोध्या में 645 वर्ग मीटर की एक नजूल (सरकारी) जमीन को बाजार भाव से कहीं अधिक कीमत पर खरीदा। उनके अनुसार, करीब 2.92 करोड़ रुपये की इस जमीन को 24 करोड़ रुपये में खरीदा गया। उन्होंने इसे देश के श्रद्धालुओं के साथ विश्वासघात बताते हुए कहा कि दान की गई राशि का यह सरासर दुरुपयोग है।

⚖️ नजूल जमीन खरीद का पेच

विवाद का एक बड़ा पहलू यह है कि खरीदी गई जमीन ‘नजूल’ यानी सरकारी जमीन बताई जा रही है। संजय सिंह ने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट की पुष्टि का हवाला देते हुए दावा किया कि सरकारी जमीन का क्रय-विक्रय कानूनी रूप से वैध नहीं है, फिर भी ट्रस्ट ने इसे खरीदा। इस सौदे में महंत मुरली दास को विक्रेता और चंपत राय को खरीदार बताया गया है।

🗣️ विपक्ष और भाजपा नेताओं का हमला

इस मामले को लेकर राजनीतिक घेराबंदी तेज हो गई है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने सीधे तौर पर चंपत राय की भूमिका पर सवाल उठाए हैं और इसे दान में हुई करोड़ों की हेराफेरी करार दिया है। वहीं, राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ भाजपा नेता विनय कटियार ने भी दान में कथित अनियमितताओं को लेकर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए कि इस “पाप” के पीछे कौन-कौन शामिल है।