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National Deworming Day in Ranchi: रांची में बच्चों को खिलाई गई एल्बेंडाजोल; जानें इस अभियान का लक्ष्य और उद्देश्य

रांची: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर सोमवार को रांची के संत अन्ना स्कूल में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बच्चों को कृमिनाशक दवा ‘एल्बेंडाजोल’ खिलाकर अभियान की शुरुआत की। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से मुक्त कर उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को गति देना है।

📊 100 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति का संकल्प

रांची जिले के सभी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों और स्वास्थ्य केंद्रों में कुल 4,84,435 बच्चों को यह दवा देने का लक्ष्य रखा गया है। सिविल सर्जन ने स्पष्ट किया कि जो बच्चे किसी कारणवश आज दवा लेने से वंचित रह गए हैं, उनके लिए 18 जून 2026 को ‘मॉपअप राउंड’ चलाया जाएगा, ताकि 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा सके।

🩺 कृमि संक्रमण के दुष्प्रभाव और सावधानी

सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बताया कि कृमि संक्रमण बच्चों के पोषण स्तर और शारीरिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि गंभीर रूप से बीमार बच्चों और गर्भवती महिलाओं को यह दवा नहीं देनी चाहिए। उन्होंने बच्चों को समझाया कि एल्बेंडाजोल को चबाकर या पानी के साथ पूरी तरह मसलकर ही लेना चाहिए।

🚫 नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

कार्यक्रम के दौरान सिविल सर्जन ने छात्रों को नशामुक्ति की शपथ दिलाई और तंबाकू एवं अन्य मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। साथ ही, उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा करते हुए सभी बच्चों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की।

🤝 सामूहिक प्रयास से सुरक्षित भविष्य

इस अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग, आंगनबाड़ी सेविकाओं और शिक्षकों की संयुक्त टीम कार्य कर रही है। सिविल सर्जन ने सभी अभिभावकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि बच्चों को एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य प्रदान किया जा सके।