नशे की अधिकांश खेप उसी राज्य से आ रहीः केजरीवाल
राष्ट्रीय खबर
चंडीगढ़ः आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को पंजाब की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। जालंधर के राजेश्वरी सत्य ऑडिटोरियम में सरकार-व्यापार मिलनी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने भाजपा पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि पंजाब में आने वाले 70 प्रतिशत नशीले पदार्थ गुजरात से आ रहे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर भाजपा को ईडी पार्टी का नाम दिया और आरोप लगाया कि गुजरात भाजपा के शासन में नशीले पदार्थों की तस्करी का प्रवेश द्वार बन गया है।
केजरीवाल ने इस दौरान कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का जिक्र करते हुए उसे ईडी पार्टी का दामाद करार दिया। इस तंज के माध्यम से उनका स्पष्ट संकेत था कि केंद्र सरकार और भाजपा उसे संरक्षण दे रही है। उन्होंने पंजाब की राजनीति में चार दलों का खाका खींचते हुए अन्य पार्टियों को कटघरे में खड़ा किया। केजरीवाल ने शिरोमणि अकाली दल को चिट्टा पार्टी या बेअदबी पार्टी, भाजपा को ईडी पार्टी, कांग्रेस को झगड़ा पार्टी और अपनी पार्टी आप को एकमात्र विकल्प बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नशीले पदार्थों और गैंगस्टर संस्कृति का साम्राज्य पिछली सरकारों द्वारा ही खड़ा किया गया था।
व्यापारियों को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि भाजपा ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) के छापों का डर दिखाकर राज्य के व्यापारियों को निशाना बना रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछले वर्ष भाजपा ने पंजाब के उद्योगपतियों से चंदे के रूप में 60 करोड़ रुपये वसूले, जबकि पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी को मात्र 70 लाख रुपये ही प्राप्त हुए। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस भाजपा के राज्य में केवल दो ही विधायक हैं, उसे इतनी बड़ी धनराशि कैसे मिल सकती है? केजरीवाल ने तर्क दिया कि यह सब ईडी के छापों के डर का नतीजा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जो उद्योगपति भाजपा को चंदा देने से इनकार करते हैं, उन पर तुरंत ईडी की कार्रवाई की जाती है।
आप संयोजक ने अपने संबोधन में व्यापारियों को आश्वस्त किया कि उनकी सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है और वे व्यापारियों के हितों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उन्होंने विपक्षी दलों पर पंजाब को लूटने और अस्थिर करने का आरोप लगाते हुए जनता से समर्थन की अपील की। केजरीवाल के इस बयान ने आगामी राजनीतिक माहौल को काफी गर्मा दिया है और भाजपा की ओर से इस पर तीखी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। यह पहली बार नहीं है जब केजरीवाल ने भाजपा को केंद्रीय जांच एजेंसियों के दुरुपयोग को लेकर घेरा है, लेकिन इस बार गैंगस्टर और नशीले पदार्थों के मुद्दे को जोड़कर उन्होंने हमले को और अधिक धारदार बना दिया है।