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Jamtara News: एंबुलेंस न मिलने पर ट्रैक्टर पर अस्पताल ले जाना पड़ा मरीज, इलाज के दौरान हुई मौत

जामताड़ा: स्वास्थ्य मंत्री के अपने गृह क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुल गई है। गोपालपुर गांव के एक मरीज की समय पर एंबुलेंस न मिल पाने के कारण जान चली गई। स्थिति इतनी भयावह थी कि परिजनों को मरीज को खटिया पर लिटाकर ट्रैक्टर के सहारे अस्पताल तक पहुंचाना पड़ा, लेकिन अफसोस कि इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।

🚑 108 एंबुलेंस की लापरवाही और परिजनों का आक्रोश

मृतक मोनू टुडू के परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार रात जब उनकी तबीयत बिगड़ी, तो उन्होंने 108 एंबुलेंस सेवा को कई बार फोन किया, लेकिन ऑपरेटर ने कॉल रिसीव ही नहीं किया। एंबुलेंस सेवा की इस घोर लापरवाही से आक्रोशित परिजन अस्पताल परिसर में हंगामा कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि एंबुलेंस समय पर उपलब्ध होती, तो आज मोनू उनके बीच होता।

📢 स्वास्थ्य मंत्री की सफाई: ‘108 की व्यवस्था अब नहीं चलेगी’

इस दर्दनाक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने स्वीकार किया कि 108 एंबुलेंस सेवा में बड़ी खामियां हैं। उन्होंने कहा, “मरीज की मौत की जानकारी मिली है। एंबुलेंस सेवा में दिक्कत है और इसे बर्खास्त कर दिया गया है। संबंधित चालक के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।” उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 108 की पुरानी व्यवस्था अब नहीं चलेगी, क्योंकि इसकी लापरवाही के कारण सरकार की बदनामी हो रही है।

⚠️ क्या बदला जाएगा सिस्टम?

यह घटना जामताड़ा जैसे क्षेत्रों में स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे (Health Infrastructure) की कमजोरी को उजागर करती है। मंत्री द्वारा एंबुलेंस सेवा को बर्खास्त करने के आश्वासन के बाद अब देखना यह होगा कि क्या वास्तव में मरीजों को आपातकालीन स्थिति में समय पर सुविधा मिल पाएगी या यह केवल एक बयान बनकर रह जाएगा।