Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
जेपीएससी भर्ती रद्द करने पर हाईकोर्ट की रोक: छात्रों ने सरकार पर लगाया धोखाधड़ी का आरोप, सभी 24 जिलो... 'वंदे मातरम्' के 6 छंद और 190 सेकंड की समयसीमा: अधूरा गाना अब गैर-कानूनी, गृह मंत्रालय ने तय किए कड़... यूपी गैंगस्टर एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी, दो वकीलों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई रद्द दिवाली-छठ पर दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला: UP-बिहार के लिए शुरू होंगी DTC की लग्जरी बसें वेब सीरीज देखकर बनाई 'चोरी की क्लास': 18 साल होते ही बच्चों को निकालता था हिस्ट्रीशीटर, जबलपुर RPF क... 21 अगस्त वेदर अपडेट: दिल्ली में झमाझम बारिश के आसार, एमपी-राजस्थान और यूपी के कई जिलों में येलो अलर्... जयपुर के बगरू में स्कूल निरीक्षण के दौरान भारी बवाल: CJP कार्यकर्ताओं पर हमला, गाड़ियों में तोड़फोड़ 'लेडी सिंघम' CSP नेहा पच्चीसिया पर FIR: एयरहोस्टेस से DSP बनीं अफसर पर घूसखोरी और आपराधिक साजिश का म... 'चीनी संसद जैसी बन जाएगी लोकसभा': नए संसद भवन के डिजाइन पर बोले शशि थरूर, दूरी और ध्रुवीकरण का कराया... ज्यादा तनावमुक्त रहना भी खतरे की घंटी है खुद में, देखें वीडियो

Katni News: कटनी में झोलाछाप डॉक्टर पिता-पुत्र पर प्रशासन का छापा; झोपड़ीनुमा क्लिनिक से मिली भारी मात्रा में दवाइयां

कटनी: जिले के विजयराघवगढ़ विकासखंड अंतर्गत बकेली गांव में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां एक झोपड़ीनुमा क्लिनिक में वर्षों से अवैध रूप से इलाज कर रहे पिता-पुत्र (सीपी नाहर और भूपेंद्र नाहर) के ठिकानों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अंग्रेजी दवाइयों का जखीरा जब्त किया गया है।

📹 वायरल वीडियो ने खोला लापरवाही का कच्चा-चिट्ठा

इस कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ। इस वीडियो में क्लिनिक के अंदर मरीजों को बेहद असुरक्षित तरीके से—लकड़ी के सहारे ग्लूकोज चढ़ाते हुए दिखाया गया था। वीडियो सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में तहसीलदार, बीएमओ, राजस्व टीम और पुलिस की संयुक्त टीम ने क्लिनिक पर दबिश दी।

💊 बिना डिग्री और मान्यता के चल रहा था ‘इलाज’

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों आरोपियों के पास चिकित्सा क्षेत्र की कोई भी वैध डिग्री या मान्यता प्राप्त अनुमति नहीं थी। इसके बावजूद, वे लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में मरीजों का उपचार कर रहे थे। गरीब और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर डॉक्टरों की अनुपलब्धता और आर्थिक तंगी के चलते ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के झांसे में आ जाते हैं।

⚖️ प्रशासन की सख्त चेतावनी

सीएमएचओ डॉ. राज सिंह ठाकुर ने इस मामले को गंभीर अनियमितता बताते हुए कहा, “बिना मान्यता और योग्यता के इलाज करना गैरकानूनी है। स्वास्थ्य विभाग ऐसे मामलों में कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।” प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपी दोबारा अवैध चिकित्सा कार्य में लिप्त पाए गए, तो उन पर आपराधिक मामला दर्ज कर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने ग्रामीणों से भी अपील की है कि वे केवल पंजीकृत डॉक्टरों और सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों से ही इलाज कराएं।