हर रोज चौंकाने वाले दावों का सिलसिला अब भी जारी
एजेंसियां
वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से सीधे टेलीविजन पर पत्रकारों को संबोधित करते हुए एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा दावा किया है। ट्रम्प के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के साथ जारी भीषण तनाव और उसके द्वारा जलमार्ग पर लगाए गए कड़े प्रतिबंधों को धता बताते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से चुपचाप लाखों बैरल कच्चा तेल बाहर निकाला है। ट्रम्प ने दावा किया कि यही मुख्य कारण है कि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतें हाल के दिनों में 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं, अन्यथा अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के शुरुआती हफ्तों की तरह कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार ही टिकी रहतीं।
उल्लेखनीय है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य एक बेहद संकीर्ण और रणनीतिक रूप से दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग है, जहाँ से दुनिया के कुल ऊर्जा प्रवाह का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। मार्च की शुरुआत में अमेरिका और इजरायल द्वारा तेहरान पर किए गए हमलों के बाद से यह जलमार्ग काफी हद तक बंद पड़ा है।
ईरान ने स्पष्ट कहा था कि वह इस रास्ते से किसी भी जहाज को गुजरने नहीं देगा, हालांकि बाद में उसने कुछ मित्र देशों के जहाजों को बातचीत की शर्त पर सीमित आवाजाही की अनुमति दी थी। इसके बाद, 13 अप्रैल को तेहरान के साथ संघर्ष विराम के महज पांच दिन बाद अमेरिका ने भी ईरानी जहाजों और बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी कर दी थी।
इस दोहरे गतिरोध के बीच ट्रम्प का दावा है कि अमेरिका एक गुप्त मिशन के तहत बड़े पैमाने पर तेल निकालने में सफल रहा है। ट्रम्प ने मीडिया से कहा, हम लाखों बैरल तेल बाहर निकाल रहे हैं और इस बारे में कोई नहीं जानता। हमने दूसरी रात ही बिना लाइट जलाए देर रात 22 जहाजों को वहां से सुरक्षित निकाला, क्योंकि हमने ईरान के रडार और रणनीतिक बुनियादी ढांचे को पूरी तरह तबाह कर दिया है और उनके पास अब कोई रडार ट्रैकिंग क्षमता नहीं बची है।
बाद में ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर इस दावे को दोहराते हुए लिखा कि उन्होंने पिछले महीने अमेरिकी सेना को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से तेल टैंकरों और अन्य वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए एक गुप्त मिशन शुरू करने का निर्देश दिया था।
उन्होंने दावा किया कि इस बेहद सफल सैन्य प्रयास के कारण अब तक 100 मिलियन (10 करोड़) बैरल से अधिक तेल इस जलडमरूमध्य से पार होकर खुले बाजार में पहुंच चुका है और 200 से अधिक वाणिज्यिक जहाज सुरक्षित रूप से इस रास्ते से यात्रा कर चुके हैं। ट्रम्प ने आक्रामक रुख अपनाते हुए लिखा, यह सफलता इसलिए मिली क्योंकि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नहीं, बल्कि संयुक्त राज्य अमेरिका का नियंत्रण है। ईरान की सेना हार चुकी है और उनकी अर्थव्यवस्था नष्ट हो चुकी है।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम और दावों के बीच विरोधाभास भी सामने आया है। ट्रम्प के खुद के ऊर्जा सचिव क्रिस राइट ने उसी दिन एक संसदीय सुनवाई के दौरान कहा कि उन्हें इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि अमेरिका हॉर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से इस तरह चोरी-छिपे लाखों बैरल तेल निकाल रहा है।
हालांकि, उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि अमेरिकी सेना ने इस संकीर्ण मार्ग से कुछ तेल निकालने में जहाजों की मदद की है। राइट ने यह भी स्पष्ट किया कि जो जहाज इस जलडमरूमध्य को पार करने में सफल रहे हैं, वे ईरानी जहाज नहीं थे। वास्तव में, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर जैसे खाड़ी देश अपने तेल निर्यात के लिए इसी जलमार्ग का उपयोग करते हैं और अमेरिकी सेना इन्हीं मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षा प्रदान कर रही है।