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पुणे के आंदोलन में परीक्षा सुधारों पर घोषणापत्र जारी

कॉकरोच जनता पार्टी का जोरदार प्रदर्शन

  • शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कायम

  • बीस जून से देश भर में आंदोलन होगा

  • सोनम वांगचुक भी यहां शामिल हुए

राष्ट्रीय खबर

मुंबईः देश की परीक्षा प्रणाली में सुधारों की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने गुरुवार को महाराष्ट्र के पुणे में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय स्थित डॉ. बी.आर. आंबेडकर की प्रतिमा के सामने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के दौरान संगठन ने देश भर की परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए एक पांच सूत्रीय घोषणापत्र जारी किया।

गौरतलब है कि पिछले महीने भारत के मुख्य न्यायाधीश की एक टिप्पणी के जवाब में सोशल मीडिया पर एक व्यंग्य के रूप में शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी अब बहुत तेजी से युवाओं के एक जन आंदोलन में बदलती जा रही है। यह आंदोलन परीक्षा प्रणाली की कमियों और हालिया पेपर लीक मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है।

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने आंदोलन का घोषणापत्र प्रस्तुत करते हुए प्रमुख मांगें रखीं। इसमें पेपर लीक होने की स्थिति में प्रत्येक उम्मीदवार को तैयारी और यात्रा खर्च की भरपाई के लिए 10,000 रुपये का मुआवजा देने, परीक्षा के एक महीने के भीतर परिणाम घोषित करने, परीक्षा रद्द होने पर मानसिक तनाव कम करने के लिए पहले से ही बैकअप तारीखों की घोषणा करने, डिजिटल स्कैन के बजाय उत्तर पुस्तिकाओं का भौतिक मूल्यांकन करने, परीक्षा में देरी होने पर उम्मीदवारों की आयु सीमा और प्रयासों की संख्या प्रभावित न होने की गारंटी, तथा परीक्षा निविदाओं की जांच के लिए एक स्वतंत्र ऑडिट निकाय के गठन की मांग शामिल है।

अभिजीत दिपके ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, यदि वे एक साधारण इस्तीफे और अपनी गलती स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं, तो हम उनसे शिक्षा प्रणाली को ठीक करने की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? सुधार की शुरुआत हमेशा गलती मानने से होती है। उन्होंने आगामी 20 जून से देश की राजधानी दिल्ली में एक अनिश्चितकालीन विरोध प्रदर्शन शुरू करने की घोषणा की और छात्रों से इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही बॉट (कृत्रिम फॉलोअर्स) की चर्चाओं और भाजपा मंत्री किरेन रिजिजू के आरोपों पर पलटवार करते हुए डेटा साझा किया कि उनके 94.5 फीसद फॉलोअर्स भारतीय ही हैं।

इस विरोध प्रदर्शन में लद्दाख के प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी हिस्सा लिया और छात्रों का समर्थन करते हुए कहा कि सरकार को अपनी उन गलतियों की जवाबदेही लेनी होगी, जिसकी कीमत देश के छात्र चुका रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान असीम सरोदे जैसे कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी हिस्सा लिया और जिम्मेदारी लेनी होगी तथा आई एम कॉकरोच जैसे नारे लगाए। इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) के नेता संजय राउत ने भी इस युवा आंदोलन को अपनी शुभकामनाएं दीं और इसे भारतीय युवाओं के गुस्से और हताशा की सही अभिव्यक्ति बताया।