Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर किरेन रिजिजू का विपक्ष पर तीखा पलटवार रामपुरहाट टीएमसी दफ्तर में फंदे से लटके मिले पूर्व डिप्टी स्पीकर आशीष बनर्जी: सुसाइड नोट में मानसिक ... 'बिहार बन रहा पेपर लीक की राजधानी': तेजस्वी यादव का NDA सरकार पर तीखा हमला, 19 अगस्त को राजभवन मार्च... पीएम मोदी के 'दिमागी नक्सल' बयान पर BJP-कांग्रेस आमने-सामने, छिड़ा सियासी घमासान बरेली: सरकारी नौकरी का झांसा देकर रचाई शादी, विरोध पर बेल्ट से पीटा और छीने जेवर; पति समेत ससुराल वा... सुखबीर बादल पर हमले की NIA जांच की मांग: हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र, बड़ी ... भिवंडी: दरगाह में इलाज के नाम पर महिला से अघोरी रस्में व प्रताड़ना; UP भागने की फिराक में था मौलवी, ... दिल्ली में पूरा हुआ 100 'अटल कैंटीन' का संकल्प: DU मेट्रो स्टेशन से 25 नई कैंटीन शुरू, मात्र ₹5 में ... रीवा में स्वास्थ्य तंत्र की लापरवाही: 2 घंटे तक नहीं पहुंची 108 एंबुलेंस, सांस लेने में तकलीफ से जूझ... खान-खनिज संशोधन बिल के खिलाफ रांची में राजद-वाम दलों का साझा मोर्चा: आर्थिक नाकेबंदी और दिल्ली घेराव...

कांग्रेस और टीएमसी ने कहा कोई विलय नहीं होगा

दो अलग अलग मुलाकातों के बाद चर्चा का बाजार गर्म था

  • सोनिया से मिली थी ममता बनर्जी

  • अभिषेक बनर्जी की राहुल के साथ बैठक

  • सिर्फ इंडिया गठबंधन के मुद्दे पर बात हुई

राष्ट्रीय खबर

नई दिल्ली: शीर्ष कांग्रेस नेता राहुल गांधी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के बीच बुधवार को हुई 90 मिनट की लंबी बैठक ने राजनीतिक गलियारों में दोनों दलों के विलय की अटकलों को हवा दे दी थी। यह बैठक सोनिया गांधी और ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत के ठीक एक दिन बाद हुई थी। हालांकि, दोनों ही पक्षों ने तुरंत सामने आकर इन खबरों का खंडन किया और विलय की सभी अटकलों को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

दोनों राजनीतिक दलों ने इस बात पर कड़ा जोर दिया कि विलय से जुड़ी सभी बातें पूरी तरह से निराधार हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनके बीच हुई यह बातचीत सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक का ही एक अगला हिस्सा थी और इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम बंगाल व देश के अन्य हिस्सों में भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ लड़ाई में आपसी सहयोग को और अधिक मजबूत करना था।

हालांकि, सूत्रों ने भविष्य में दोनों दलों के बीच एक मजबूत चुनावी गठबंधन होने की संभावना से इनकार नहीं किया है। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि 10, जनपथ पर जिस स्तर के नेताओं ने हिस्सा लिया और जितना समय बिताया, वह केवल सामान्य शिष्टाचार नहीं था। जहां सोनिया गांधी और ममता बनर्जी की मुलाकात करीब 50 मिनट तक चली, वहीं राहुल गांधी और अभिषेक बनर्जी ने 90 मिनट तक कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा की।

यह महत्वपूर्ण राजनीतिक हलचल ऐसे समय में हो रही है जब ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद भारी आंतरिक संकट और बिखराव का सामना कर रही है। सोनिया-ममता की मुलाकात में मुख्य रूप से इंडिया गठबंधन को सशक्त बनाने और दोनों दलों के आपसी रिश्तों को सुधारने पर चर्चा हुई। वहीं, राहुल और अभिषेक की बैठक में वोट चोरी के आरोपों और विपक्ष के लिए आगे की राह पर विस्तार से बात की गई।

एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, इस पूरी बैठक की तस्वीरें दोनों दलों के एकजुट होने का संकेत देती हैं और वर्तमान में दोनों पार्टियां पहले की तुलना में एक-दूसरे के काफी करीब आ गई हैं। लेकिन इसके साथ ही सूत्रों ने यह भी इशारा किया कि पश्चिम बंगाल में दोनों दलों के लिए आगे की राह इतनी आसान नहीं होने वाली है। बंगाल में करीब 41% वोट शेयर रखने वाली तृणमूल कांग्रेस आसानी से कांग्रेस के लिए अपनी जमीन नहीं छोड़ेगी, जिसका राज्य में वोट शेयर महज 3% के आसपास सिमट गया है। इसके विपरीत, दूसरा तर्क यह दिया जा रहा है कि राजनीतिक संकट से जूझ रही तृणमूल कांग्रेस को बंगाल में बीजेपी के तीखे हमलों और आक्रामकता से निपटने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक कांग्रेस पार्टी के सहारे की सख्त जरूरत है। सूत्र बताते हैं कि दोनों दल अब बंगाल में बीजेपी विरोधी राजनीति के भविष्य को लेकर आपसी समझ बनाने में जुटे हैं।