Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Muharram Tradition: मुहर्रम पर विदिशा की अनूठी विरासत; बिना चंदे के कुशवाहा परिवार खुद उठाता है सवार... MP Monsoon News: मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार थमी; 43 जिलों में अलर्ट, बारिश की कमी से बढ़ी गर्मी Burhanpur News: झमाझम बारिश से बुरहानपुर-अंकलेश्वर नेशनल हाईवे बना दरिया; वाहनों की लगी लंबी कतार Bhopal Crime: भोपाल में HIV संक्रमित साइको किलर गिरफ्तार; गे डेटिंग एप के जरिए बनाता था शिकार Indore Crime News: एनआईटी हैदराबाद से बीटेक करने वाले युवक ने इंदौर में की आत्महत्या; डिप्रेशन और रै... Chhindwara Land Scam News: छिंदवाड़ा में सियासी घमासान; कांग्रेस विधायक सुनील उईके का सांसद बंटी साह... Bhopal News: ऐशबाग में बुजुर्ग दंपति की संदिग्ध मौत; घर से आती बदबू के बाद मिली डीकंपोज लाशें Unexplained Weight Loss: बिना डाइट और एक्सरसाइज वजन क्यों घट रहा है? जानें इसके पीछे की गंभीर बीमारि... खाड़ी क्षेत्र के मित्र देश भी अब डोनाल्ड ट्रंप से घबड़ाये ईरान ने वहां से गुजरते एक जहाज पर हमला किया

Indore Gopal Mandir History: इंदौर के गोपाल मंदिर का अनोखा इतिहास; जब छत की मजबूती जांचने के लिए ऊपर चलाए गए थे हाथी

इंदौर। इंदौर केवल मध्य प्रदेश की औद्योगिक और आर्थिक राजधानी ही नहीं है, बल्कि अपनी गहरी सांस्कृतिक संपन्नता और अनूठी विरासत की खूबी वाला एक बेहद जीवंत शहर भी है. भौगोलिक और ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो यहाँ बेशक कोई मुख्य ज्योतिर्लिंग, बड़ा शक्तिपीठ, पवित्र राष्ट्रीय नदी या हजारों वर्ष पुराने अति-प्राचीन मंदिर स्थापित नहीं हैं; लेकिन इसके बावजूद इंदौर की जनता के दिलों में आस्था का दीप सदैव पूरी प्रखरता के साथ प्रज्वलित रहता है. आधुनिकता की दौड़ में दौड़ने वाले इस शहर की खूबी और गरिमा को बढ़ाते कई दर्शनीय ऐतिहासिक स्थल भी मौजूद हैं और अपने भीतर सदियों पुराना ऐतिहासिक महत्व समेटे हुए कई भव्य मंदिर भी हैं, जो यहाँ आने वाले पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं.

🐘 राजबाड़ा के प्रसिद्ध ‘गोपाल मंदिर’ का रोचक इतिहास: कृष्णाबाई होलकर ने कराया था निर्माण, छत की मजबूती जांचने के लिए चलाए गए थे हाथी

इंदौर की स्थानीय इतिहासकार शर्वाणी के अनुसार, यहाँ के हर एक मंदिर की अपनी अलग धार्मिक मान्यता, पौराणिक कहानी और वास्तुकला की विशेषता है. यूं तो आज के समय में पूरे शहर में हजारों छोटे-बड़े मंदिर स्थापित हैं, पर कुछ मंदिर इतिहास के पन्नों में बहुत प्रसिद्ध हैं और इन्हीं प्राचीन धरोहरों में से एक है राजबाड़ा क्षेत्र में स्थित ‘गोपाल मंदिर’. राजबाड़ा के समीप स्थित इस भव्य गोपाल मंदिर का निर्माण होलकर राजवंश की कृष्णाबाई होलकर ने करवाया था. इस मंदिर के निर्माण काल से जुड़ी सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाली बात यह है कि जब इसकी छत बनकर तैयार हुई, तो तत्कालीन इंजीनियरों द्वारा इसकी मजबूती का कड़ा परीक्षण (Strength Test) करने के लिए बकायदा छत के ऊपर विशालकाय हाथी चलवाकर देखे गए थे. हाथियों का वजन सहने के बाद ही इस भव्य मंदिर को पूरी तरह सुरक्षित घोषित किया गया था, जो होलकर कालीन बेहतरीन स्थापत्य कला का एक बेमिसाल उदाहरण है.