राष्ट्रपति से हुई बातचीत का कोई खुलासा नहीं करूंगी
एजेंसियां
वाशिंगटनः अमेरिकी न्याय विभाग का नेतृत्व करने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नामित टॉड ब्लैंच की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। हाल ही में जारी एक ट्रांसक्रिप्ट के अनुसार, पूर्व अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने पिछले महीने हाउस ओवरसाइट कमेटी के साथ एक बंद कमरे की बातचीत में खुलासा किया कि जेफरी एपस्टीन की फाइलें सार्वजनिक करने की पूरी प्रक्रिया का नेतृत्व टॉड ब्लैंच ही कर रहे थे।
यह खुलासा बोंडी द्वारा खुद को विभाग द्वारा फाइलों को संभालने के तरीके से अलग करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। जब बोंडी से एपस्टीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के अनुपालन में उनकी भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरी प्रक्रिया और फाइलों के रिलीज होने की जिम्मेदारी ब्लैंच की थी। न्याय विभाग अब तक कांग्रेस के दबाव में लगभग 30 लाख फाइलें जारी कर चुका है, लेकिन बोंडी को इस बात पर सफाई देनी पड़ी कि शेष 30 लाख फाइलें अभी तक क्यों जारी नहीं की गई हैं।
बोंडी ने तर्क दिया कि विभाग जानबूझकर कोई दस्तावेज नहीं छिपा रहा है और शेष फाइलें या तो डुप्लीकेट हैं या फिर विशेषाधिकार प्राप्त (प्रिविलेज्ड) सामग्री हैं। हालाँकि, ट्रम्प प्रशासन पर द्विदलीय स्तर पर यह आरोप लग रहे हैं कि न्याय विभाग ने दस्तावेजों को या तो छिपाया है या फिर अत्यधिक संपादन (ओवर-रिडक्शन) किया है। साथ ही, विभाग पर अनजाने में एपस्टीन के पीड़ितों की जानकारी लीक करने की भी आलोचना हुई है। बोंडी ने कहा, मेरी जानकारी के अनुसार, वे सभी जारी कर दी गई हैं।
यह घटनाक्रम ब्लैंच की पुष्टि की प्रक्रिया को और अधिक चुनौतीपूर्ण बना सकता है। डेमोक्रेटिक सांसद अब बोंडी की गवाही का उपयोग करते हुए यह मांग कर रहे हैं कि ब्लैंच को खुद आकर अपने कार्यों पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। ब्लैंच के खिलाफ पहले से ही राष्ट्रपति के साथ हुए उनके विवादास्पद समझौते को लेकर भारी चिंताएं हैं, जिसमें उन्हें और उनके व्यवसायों को आईआरएस ऑडिट से सुरक्षा मिली है और पीड़ितों के लिए 1.8 बिलियन डॉलर का फंड स्थापित किया गया है।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के दो सबसे बड़े विवादों — एपस्टीन मामले और एंटी-वेपनाइजेशन फंड — दोनों के साथ ब्लैंच का नाम जुड़ा हुआ है। बोंडी ने इस साक्षात्कार के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के साथ हुई किसी भी बातचीत का खुलासा करने से इनकार कर दिया और इसके लिए विशेषाधिकार का हवाला दिया।