Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Supreme Court Verdict: विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार; सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, पुर... Gwalior Crime News: सौतेला पिता ही निकला 13 वर्षीय छात्रा का हत्यारा; शव को नदी में मगरमच्छों के बीच... MP Cabinet Decisions: मध्य प्रदेश कैबिनेट का बड़ा तोहफा; 21 हजार करोड़ से अधिक की स्वीकृति, स्वामित्व ... CBSE Class 12th Results: ऑन-स्क्रीन मार्किंग में धांधली का आरोप; NSUI ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर की... Ahmedabad Sports Club Bomb Threat: अहमदाबाद स्पोर्ट्स क्लब में ब्लास्ट की धमकी; लश्कर और दाऊद इब्राह... Yogi Adityanath in Kushinagar: कुशीनगर को बड़ी सौगात; फाजिलनगर अब कहलाएगा 'पावागढ़', सीएम योगी ने किय... DK Shivakumar CM News: कर्नाटक के नए मुखिया डी.के. शिवकुमार; शिक्षिका ने याद किए स्कूली दिन, कहा- 'न... ED Raids on Drugs Network: दाऊद इब्राहिम के करीबी सलिम डोला पर ईडी का शिकंजा; मुंबई से राजकोट तक 20 ... Bihar Politics: बंगले पर घमासान! राबड़ी देवी को बंगला खाली करने के आदेश पर भड़की RJD, सम्राट चौधरी का... Mathura Crime News: फर्जी साधु का पर्दाफाश; हाई-पैकेज वाली युवतियों को फंसाकर करता था दुष्कर्म और ब्...

Dhanbad News: भीषण गर्मी में धधकते 5 अग्नि कुंडों के बीच तपस्या; संतोष बाबा की साधना बनी चर्चा का विषय

धनबाद के भेला टांड स्थित शिव मंदिर इन दिनों आध्यात्मिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां पुजारी संतोष पांडेय, जिन्हें अब ‘परम् पूज्य त्यागी हठयोगी तपस्वी संतोष बाबा’ के नाम से जाना जाता है, एक अत्यंत कठोर साधना में लीन हैं। भीषण गर्मी के बीच, सिर पर जलती मिट्टी की मटकी और चारों ओर प्रज्वलित पांच अग्नि कुंडों के मध्य घंटों तक उनकी तपस्या श्रद्धालुओं को आश्चर्यचकित कर रही है।

🧘 तपस्या का कठोर स्वरूप

संतोष बाबा रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक तपती धूप में अपनी साधना करते हैं। उनके सिर पर रखी मिट्टी की मटकी में लगातार आग सुलगती रहती है और चारों ओर जल रहे पांच अग्नि कुंड उनकी तपस्या की तीव्रता को दर्शाते हैं। पिछले 15 दिनों से जारी इस साधना का संकल्प उन्होंने पूरे एक माह तक बनाए रखने का लिया है। उनकी मां के अनुसार, बाबा केवल फलाहार पर निर्भर हैं और उन्होंने पूरी तरह से अन्न का त्याग कर दिया है।

🕊️ जनकल्याण और अश्वमेध यज्ञ का उद्देश्य

बाबा का स्पष्ट कहना है कि यह तपस्या व्यक्तिगत इच्छाओं के लिए नहीं, बल्कि विश्व शांति और मानव कल्याण के लिए है। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और वैश्विक अशांति को कम करने के लिए वे आध्यात्मिक ऊर्जा उत्पन्न कर रहे हैं। बाबा का भविष्य का मुख्य लक्ष्य एक भव्य ‘अश्वमेध यज्ञ’ का आयोजन करना है, जिसमें 108 हवन कुंड स्थापित किए जाएंगे। उनका मानना है कि यह कठोर तप उन्हें उस संकल्प की सिद्धि के लिए आवश्यक आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करेगा।

⛈️ भविष्य की और भी कठिन चुनौतियां

तपस्वी संतोष बाबा की साधना यहीं समाप्त नहीं होगी। मलमास के साथ शुरू हुई यह यात्रा आषाढ़ माह में खुले आसमान के नीचे बारिश और बिजली के बीच और कठिन होगी। इसके बाद छठ पर्व के दौरान वे जल के अंदर खड़े होकर साधना करेंगे। उनकी इस अदम्य इच्छाशक्ति और आस्था को देख आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए उमड़ रहे हैं।

संपादकीय टिप्पणी: हठयोग की यह परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है, जो अत्यधिक मानसिक और शारीरिक अनुशासन की मांग करती है। क्या आपको लगता है कि आधुनिक भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे कठिन तप आध्यात्मिक चेतना को जगाने में मददगार साबित होते हैं? अपने विचार नीचे साझा करें।