Breaking News in Hindi
ब्रेकिंग
Narayanpur News: नक्सलवाद के साये से निकल अबूझमाड़ में आई खुशहाली; गारपा गांव में सीएम साय ने खाट पर ... Khairagarh Bypass News: जिला बनने के बाद भी अधूरा खैरागढ़ बाईपास; शहर के बीच से गुजरते भारी वाहन, बढ़... Jagdalpur News: पटवारी की मनमानी! कागजात के नाम पर गरीबों से ऐंठे लाखों, बैल तक बिकवाए; ग्रामीणों ने... Bijapur Development News: नक्सलवाद के खात्मे के बाद कोंडापल्ली में नई सुबह; सीएम साय ने 'सुशासन तिहा... Surguja News: मोबाइल बैटरी फटने से 1 साल के मासूम की दर्दनाक मौत; खेल-खेल में आग में डाली थी बैटरी Kawardha Crime News: कवर्धा पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा सर्चिंग अभियान; खाली प्लॉट में खुदाई कर निकाली... Kanker News: कांकेर में धार्मिक आस्था पर विवाद; ग्रामीणों का आरोप- बहिष्कार कर खेती और रोजगार से किय... Durg Police Success: दुर्ग पुलिस की बड़ी कामयाबी; 60 लाख रुपये के 800 गुम मोबाइल फोन मालिकों को लौटा... Hotwar Jail News: जेल में दुष्कर्म और गर्भवती होने की खबर पर महिला का बड़ा बयान; आरोपों को बताया निर... Jobs in Jharkhand: मनरेगा भर्ती में देरी से परेशान उम्मीदवार, समाहरणालय पहुंचकर की नियुक्ति प्रक्रिय...

Bikram Majithia Case: बिक्रम मजीठिया की FIR पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई; सरकार ने मांगा समय, कल तक टला मामला

शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ मजीठा थाने में दर्ज एफ.आई.आर. (FIR) मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि, आज की सुनवाई किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच सकी। पंजाब सरकार की ओर से अदालत से अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक दिन का और समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई कल के लिए निर्धारित की है।

👮 आरोपी को छुड़ाने का मामला और पुलिस की छापेमारी

यह मामला मजीठा थाने से एक आरोपी को कथित तौर पर जबरन छुड़ाने से जुड़ा है। इस घटना के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। शिरोमणि अकाली दल ने पुलिस की इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहत की गुहार लगाई है।

🔍 हाईकोर्ट का सख्त रुख: DGP से मांगा जवाब

मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाईकोर्ट ने सुनवाई से पूर्व ही पंजाब के डी.जी.पी. (DGP), अमृतसर के एस.पी. और मजीठा थाना इंचार्ज को नोटिस जारी कर पूरे घटनाक्रम पर जवाब तलब किया है। अदालत इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और दर्ज किए गए केस की निष्पक्षता की जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें कल होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

संपादकीय टिप्पणी: राजनीतिक हस्तियों और पुलिस प्रशासन के बीच इस तरह के कानूनी टकराव आम जनता में सुरक्षा और कानून की निष्पक्षता को लेकर चर्चा का विषय बने रहते हैं। क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में ‘न्यायिक हस्तक्षेप’ कानून के शासन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है? अपने विचार नीचे साझा करें।