Bikram Majithia Case: बिक्रम मजीठिया की FIR पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई; सरकार ने मांगा समय, कल तक टला मामला
शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ मजीठा थाने में दर्ज एफ.आई.आर. (FIR) मामले में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। हालांकि, आज की सुनवाई किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच सकी। पंजाब सरकार की ओर से अदालत से अपना जवाब दाखिल करने के लिए एक दिन का और समय मांगा गया, जिसे स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई कल के लिए निर्धारित की है।
👮 आरोपी को छुड़ाने का मामला और पुलिस की छापेमारी
यह मामला मजीठा थाने से एक आरोपी को कथित तौर पर जबरन छुड़ाने से जुड़ा है। इस घटना के बाद बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी की जा रही है। शिरोमणि अकाली दल ने पुलिस की इस कार्रवाई को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर राहत की गुहार लगाई है।
🔍 हाईकोर्ट का सख्त रुख: DGP से मांगा जवाब
मामले की गंभीरता को देखते हुए, हाईकोर्ट ने सुनवाई से पूर्व ही पंजाब के डी.जी.पी. (DGP), अमृतसर के एस.पी. और मजीठा थाना इंचार्ज को नोटिस जारी कर पूरे घटनाक्रम पर जवाब तलब किया है। अदालत इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली और दर्ज किए गए केस की निष्पक्षता की जांच कर रही है। अब सभी की निगाहें कल होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां यह स्पष्ट हो सकेगा कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है।
संपादकीय टिप्पणी: राजनीतिक हस्तियों और पुलिस प्रशासन के बीच इस तरह के कानूनी टकराव आम जनता में सुरक्षा और कानून की निष्पक्षता को लेकर चर्चा का विषय बने रहते हैं। क्या आपको लगता है कि ऐसे मामलों में ‘न्यायिक हस्तक्षेप’ कानून के शासन को बनाए रखने के लिए अनिवार्य है? अपने विचार नीचे साझा करें।